Wife Husband Murder: रायबरेली के गुरबक्शगंज में एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां पहले आत्महत्या समझी गई मौत अब हत्या साबित हुई है। मृतक की पत्नी और साले ने मिलकर उसकी हत्या की और शव को फांसी पर लटका कर आत्महत्या का नाटक रचा था। पुलिस ने गहन जांच के बाद दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला परिवारिक विवाद और प्रताड़ना से जुड़ा हुआ है, जो अब हत्या के रूप में सामने आया है।
घटना की पूरी कहानी क्या है?/Wife Husband Murder
यह पूरी घटना रायबरेली जिले के गुरबक्शगंज थाना क्षेत्र की है। एक बहन ने 12 मार्च 2026 को थाने में प्रार्थना पत्र दिया। उसने बताया कि उसके भाई को उसकी ससुराल वाले (यानी पत्नी पक्ष के लोग) रोजाना परेशान और प्रताड़ित करते थे। यह प्रताड़ना इतनी बढ़ गई थी कि भाई मानसिक रूप से टूट चुका था।

11 मार्च 2026 को मृतक अपने भाई अपनी पत्नी अंजू (पुत्री श्यामलाल) को उसके मायके यानी गांव अटौरा बुजुर्ग (थाना गुरबक्शगंज) छोड़ने गया था। वहां से वापस लौटते समय पत्नी और उसके घरवालों की वजह से वह बहुत परेशान हो गया। अगले दिन यानी 12 मार्च को गांव के बाहर एक पेड़ पर उसका शव फांसी लगाकर लटका मिला। शुरू में इसे आत्महत्या माना गया।
बहन ने थाने में शिकायत की कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष की वजह से हुई परेशानी का नतीजा है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। अपराध संख्या 71/2026 के तहत धारा 108 बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) में केस दर्ज हुआ।
जांच में खुलासा: आत्महत्या नहीं, ठंडे दिमाग से हत्या
पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों से साफ हो गया कि मृतक की मौत फांसी से नहीं हुई। बल्कि उसके गले को दबाकर हत्या की गई थी। उसके बाद शव को पेड़ पर लटका दिया गया ताकि आत्महत्या का मामला बन सके। यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें मृतक की पत्नी और उसके भाई (साला) शामिल थे।
पुलिस अधीक्षक रायबरेली रवि कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जांच तेज की गई। 15 मार्च 2026 को पुलिस ने मुकदमे में तरमीम की और धाराएं बदलकर 103(1)/238 बीएनएस लगा दीं, जो हत्या से जुड़ी हैं।
अभियुक्त कौन हैं और कैसे हुई गिरफ्तारी?
दो मुख्य अभियुक्त हैं:
- अंजू उर्फ रामादेवी पुत्री श्यामलाल, निवासी अटौरा बुजुर्ग, थाना गुरबक्शगंज – यह मृतक की पत्नी है।
- विनोद पुत्र श्यामलाल, निवासी अटौरा बुजुर्ग, थाना गुरबक्शगंज – यह मृतक का साला (पत्नी का भाई) है।
15 मार्च 2026 को पुलिस ने थाना क्षेत्र में छापेमारी और पूछताछ के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी में टीम की अच्छी भूमिका रही। इसमें शामिल थे:
- उप निरीक्षक सुमित श्योरान
- मुख्य आरक्षी महेंद्र प्रताप सिंह
- आरक्षी अर्जुन सिंह
- महिला आरक्षी ज्योति दीक्षित
गिरफ्तारी के बाद दोनों अभियुक्तों को थाने लाया गया। उन पर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया।
परिवारिक विवाद ने ली जान
यह मामला परिवार में चल रहे झगड़ों और प्रताड़ना का नतीजा लगता है। मृतक की बहन ने बताया कि ससुराल वाले रोज परेशान करते थे। शायद इसी दबाव में मृतक टूट गया था, लेकिन हत्या का खुलासा होने से अब सच्चाई सामने आई है। पत्नी और साले ने मिलकर ऐसा कदम उठाया, जो समाज में सदमा पैदा कर रहा है।
निष्कर्ष
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के नेतृत्व में रायबरेली पुलिस लगातार अपराध रोकने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम कर रही है। इस मामले में भी महज कुछ दिनों में जांच पूरी कर हत्या का खुलासा कर दिया। पोस्टमार्टम और सबूतों ने पुलिस की जांच को मजबूत बनाया।










