Sambhal : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुरादाबाद रेंज के DIG मुनिराज ने दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिस व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बता दें कि निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस लाइन, एसपी कार्यालय और थाना कोतवाली का गहन जायजा लिया। जिसे देखते हुए उन्होंने पुलिस व्यवस्थाओं और रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर संतोष जताया। हालांकि, कुछ कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने पुलिस लाइन में आयोजित परेड का प्रदर्शन देखा, जिसे उन्होंने एक्सीलेंट भी बताया।
फिर इसके बाद जीडी स्टोर, मेस, बैरक और एमटी सेक्शन सहित विभिन्न शाखाओं का भी निरीक्षण किया। यहां रजिस्टरों के रखरखाव और साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक पाई। इससे वह अत्यधिक प्रसन्न हुए। साथ ही अधिकारियों, कर्मचारियों को अनुशासन और व्यवस्थाओं को इसी तरह बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

1 साल के अपराध आंकड़ों की समीक्षा
इसके बाद, डीआईजी ने एसएचओ के साथ बैठक कर बीते 1 साल के अपराध आंकड़ों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण की स्थिति सामान्य है और करीब 80 प्रतिशत मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। वहीं, शेष मामलों के जल्द निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। अब देखना यह है कि बाकी के काम कितने दिन में पूरे होते हैं। इसके अलावा, उन्होंने एसपी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान अकाउंट शाखा, विशेष जांच शाखा और डीसीआरबी के रिकॉर्ड का भी अवलोकन किया गया।
ट्रैकिंग सिस्टम की सराहना
ऑलओवर यहां रिकॉर्ड प्रबंधन बेहतर पाया गया। साथ ही ई-ऑफिस प्रणाली के तहत कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने जनसुनवाई व्यवस्था और उसके ट्रैकिंग सिस्टम की भी सराहना की। थाना कोतवाली के निरीक्षण में परिसर की साफ-सफाई और दस्तावेज प्रबंधन की स्थिति संतोषजनक पाई गई। हालांकि, मालखाने में खड़ी सीज और लावारिस गाड़ियों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बीट कांस्टेबलों की सक्रियता, मिशन शक्ति अभियान और साइबर हेल्प डेस्क के कार्यों की भी सराहना की गई।
DIG ने कही ये बात
डीआईजी ने बताया कि X-App’ के माध्यम से अपराधियों का डिजिटल डाटा, फोटो और सत्यापन तेजी से किया जा रहा है, जिससे पुलिसिंग को और मजबूत बनाया जा सकेगा। आगामी ईद पर्व को देखते हुए उन्होंने सभी थाना स्तर पर पीस कमेटी की बैठकें आयोजित करने, स्थानीय लोगों के साथ संवाद बनाए रखने और पारंपरिक तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। साथ ही आम लोगों से भी शांतिपूर्ण और सद्भावपूर्ण माहौल में ईद मनाने का आग्रह किया गया।










