गंगा एक्सप्रेस-वे बना मुसीबत, सर्विस रोड न होने से छोटा दोबहा गांव का रास्ता बंद

एक ओर गंगनहर, दूसरी तरफ रेलवे लाइन—ग्रामीणों का आवागमन ठप, धरना देकर उठाई सड़क निर्माण की मांग

जगतपुर : गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद जहां विकास की उम्मीदें जगी थीं, वहीं अब यह परियोजना क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। जगतपुर विकास क्षेत्र के छोटा दोबहा गांव का एकमात्र संपर्क मार्ग बंद हो जाने से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

आवाजाही के सभी रास्ते हुए खत्म

ग्रामीणों के अनुसार, गांव तक पहुंचने के लिए पहले जो रास्ता था, वह एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान बंद कर दिया गया है। अब स्थिति यह है कि एक तरफ गंगनहर और दूसरी ओर रेलवे लाइन होने के कारण गांव पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गया है। एक्सप्रेस-वे निर्माण एजेंसी द्वारा बाउंड्री बना दिए जाने से आवाजाही के सभी रास्ते खत्म हो गए हैं।

ग्रामीणों ने किया धरना-प्रदर्शन

इस गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य राकेश सिंह राना के नेतृत्व में ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया और सर्विस रोड के निर्माण की मांग उठाई। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण बृजेश, रोशन, सुमित, इंद्रजीत सिंह, मुन्नीलाल, सोनू सिंह, दीपू सिंह और आशापाल सिंह ने बताया कि अब गांव तक पहुंचने के लिए केवल नहर की पटरी ही बची है, जो पूरी तरह जर्जर और गड्ढों से भरी हुई है। बरसात के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब मोटरसाइकिल तक गांव तक नहीं पहुंच पाती।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि रास्ता बंद होने के कारण गांव में जलभराव की समस्या भी बढ़ गई है, जिससे लोगों का जीवन और अधिक प्रभावित हो रहा है।

आजादी के बाद भी नहीं मिली पक्की सड़क

जिला पंचायत सदस्य राकेश सिंह राना ने कहा कि यह गांव आजादी के बाद से अब तक पक्की सड़क से नहीं जुड़ सका है और अब एक्सप्रेस-वे निर्माण के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा जाएगा और गांव तक सर्विस रोड बनवाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

ग्रामीणों की मांग—सुगम रास्ता

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग कोई बड़ी नहीं है, वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि गांव तक आने-जाने के लिए एक सुरक्षित और पक्का रास्ता उपलब्ध कराया जाए। उनका मानना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो उनका जीवन और भी कठिन हो जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी एकमात्र मांग है कि गांव तक सुगम रास्ता बनाया जाए, ताकि उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में हो रही परेशानियों से राहत मिल सके।

Other Latest News

Leave a Comment