Jharkhand Revival Festival Ranchi: रांची, झारखंड की राजधानी, इन दिनों एक अलग ही आध्यात्मिक माहौल में डूबी हुई है। प्रभात तारा मैदान (धुर्वा सेक्टर-4, पारस हॉस्पिटल के पास) में चल रहे झारखंड रिवाइवल फेस्टिवल 2026 ने लोगों के दिलों में एक नई ऊर्जा भर दी है। यह दो दिवसीय आयोजन 18 और 19 मार्च 2026 को हो रहा है, और इसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कई श्रद्धालु कार्यक्रम शुरू होने से एक दिन पहले से ही मैदान में पहुंचकर बैठ गए हैं। वे बस एक झलक पाने, प्रार्थना में शामिल होने और आशीर्वाद लेने की आस में डटे हुए हैं।
यह फेस्टिवल सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आस्था, विश्वास और उम्मीद का एक बड़ा संगम बन चुका है। मैदान में बैठी भीड़ देखकर लगता है कि यहां सिर्फ लोग नहीं, बल्कि उनके दिलों की पुकार और भगवान से जुड़ने की तलब मौजूद है। लोग कहते हैं कि वे यहां नई ताकत, शांति और जीवन में बदलाव की उम्मीद लेकर आए हैं। पूरा इलाका इन दिनों प्रार्थना, भजन और आशीर्वाद की गूंज से भर गया है।

क्यों उमड़ी Ranchi में इतनी भारी भीड़?
झारखंड रिवाइवल फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध सुसमाचार प्रचारक पास्टर अंकुर नारुला (अपोस्टल अंकुर योसेफ नारुला) हैं। वे और उनकी टीम इस आयोजन में शामिल होकर लोगों को प्रेम, आशा और उद्धार का संदेश दे रहे हैं। यह फेस्टिवल ‘प्रेम का संदेश 2026’ के थीम पर आधारित है। बिशप अनिल रेवेन और अन्य स्थानीय मसीही नेताओं के मुताबिक, इसका मकसद मसीही समुदाय में आत्मिक पुनर्जागरण (रिवाइवल) लाना है।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों का कहना है कि पास्टर अंकुर नारुला की प्रार्थनाएं और उपदेश जीवन बदल देते हैं। कई लोग बीमारियों से छुटकारा, पारिवारिक समस्याओं का हल और आध्यात्मिक शांति की तलाश में यहां पहुंचे हैं। एक श्रद्धालु ने बताया, “हम दूर गांव से आए हैं। ट्रेन से रात भर यात्रा करके कल शाम ही यहां पहुंच गए। एक झलक मिल जाए, एक दुआ हो जाए, बस यही चाहते हैं।” ऐसे ही सैकड़ों लोग चादर, पानी की बोतल और कुछ खाने-पीने का सामान लेकर मैदान में डेरा डाले बैठे हैं।
कार्यक्रम में क्या-क्या होगा?
यह दो दिवसीय फेस्टिवल कई खास सत्रों से भरा है:
- प्रार्थना सभा (Prayer Meetings): जहां सामूहिक प्रार्थना होती है और लोग अपने दुख-दर्द भगवान के सामने रखते हैं।
- वर्शिप सेशन (Worship Sessions): भजन-कीर्तन के जरिए भक्ति की लहर दौड़ती है। लोग हाथ उठाकर, आंसू बहाकर प्रभु की स्तुति करते हैं।
- पास्टर्स सेमिनार: 19 मार्च को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक पास्टर्स के लिए खास सेमिनार है, जहां चर्च लीडर्स को आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिलेगा।
- मुख्य सत्र शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक चलते हैं।
इसके अलावा, लोगों के लिए उपचार, मुक्ति और आशीर्वाद के विशेष प्रोग्राम भी हैं। कई लोग अपनी गवाही (टेस्टिमोनी) साझा करते हैं कि कैसे उनकी जिंदगी बदली।
व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए आयोजकों ने सुरक्षा और सुविधा का पूरा ख्याल रखा है। मैदान में पानी, छाया, मेडिकल टीम और वॉलंटियर्स की भरमार है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी मौजूद हैं ताकि सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चले। ट्रैफिक और पार्किंग की भी विशेष व्यवस्था की गई है, क्योंकि आसपास के इलाके में वाहनों की कतारें लगी हुई हैं।
लोगों की भावनाएं और उम्मीदें
मैदान में कोई हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहा है, कोई गीत गा रहा है, तो कोई परिवार के साथ बैठकर बातें कर रहा है। एक महिला ने कहा, जीवन में बहुत मुश्किलें आईं, लेकिन यहां आकर लगता है कि सब ठीक हो जाएगा। एक युवक बोला, पास्टर जी की प्रार्थना से पहले ही दिल को सुकून मिल रहा है।










