जामताड़ा जिले का प्रेरणादायक रोल मॉडल स्कूल,जानें पिट्स मॉडर्न स्कूल गोमिया की कहानी

पिट्स मॉडर्न स्कूल गोमिया, शिक्षा की नई मिसाल बना।

Pits Modern School: गोमिया का पिट्स मॉडर्न स्कूल इन दिनों शिक्षा जगत में एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है। झारखंड के बोकारो जिले में स्थित यह स्कूल जामताड़ा जिले के शिक्षा विभाग द्वारा ‘रोल मॉडल स्कूल’ चुना गया है। झारखंड सरकार की एक खास पहल के तहत इसे ‘मॉडल विजिट स्कूल’ भी बनाया गया है। इसका मतलब है कि दूसरे स्कूलों के बच्चे और टीचर यहां आकर देख सकें कि अच्छी शिक्षा कैसे दी जाती है। इसी सिलसिले में 24 मार्च 2026 को जामताड़ा जिले के अलग-अलग स्कूलों से 185 छात्र और शिक्षक इस स्कूल का भ्रमण करने आए। यह दौरा बच्चों के लिए सिर्फ घूमने का नहीं, बल्कि सीखने और प्रेरणा लेने का मौका था।

स्कूल की शानदार सुविधाएं और बच्चों का उत्साह

जब जामताड़ा के बच्चे और टीचर पिट्स मॉडर्न स्कूल पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले स्कूल के पूरे परिसर को ध्यान से देखा। यहां की साफ-सुथरी कक्षाएं, खेल के मैदान, लाइब्रेरी और आधुनिक सुविधाएं देखकर सबकी आंखें खुल गईं। स्कूल में एक बड़ा बहुउद्देशीय हॉल (Multipurpose Hall) है, जहां सभी आगंतुकों के लिए एक खास संवादात्मक सत्र रखा गया।

इस सत्र में स्कूल के प्राचार्य बृज मोहन लाल दास ने बच्चों से बात की। उन्होंने कहा कि जीवन में बड़े सपने देखो, ऊंचे लक्ष्य बनाओ और उन तक पहुंचने के लिए मेहनत करो। बच्चों ने बड़े ध्यान से सुना और कई सवाल भी पूछे। उनकी जिज्ञासा देखकर सब प्रभावित हुए।

भ्रमण के दौरान स्कूल की अच्छी बातें नोट करने के साथ-साथ बच्चे स्कूल के बुनियादी ढांचे, पढ़ाई का माहौल और खेल-कूद की व्यवस्था को भी करीब से देख पाए। कई बच्चों ने कहा कि वे अपनी स्कूल में भी ऐसी ही सुविधाएं लाना चाहेंगे।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और प्रोत्साहन

इस खास मौके पर कुछ महत्वपूर्ण लोग भी मौजूद रहे। संजीव भट्टाचार्य, स्वीटी भाटिया और प्रियंका रंजन ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने बच्चों की जिज्ञासा की तारीफ की और कहा कि ऐसे अवसरों से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। आगंतुक छात्र-शिक्षकों ने स्कूल के शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर और शैक्षणिक वातावरण की भरपूर प्रशंसा की। वे खुश थे कि सरकार और स्कूल प्रबंधन ने ऐसी उपयोगी पहल शुरू की है।

प्राचार्य का गर्व भरा बयान

स्कूल के प्राचार्य बृज मोहन लाल दास ने इस मौके पर कहा कि, “रोल मॉडल स्कूल के रूप में पहचाना जाना हमारे लिए बहुत ही गर्व और खुशी की बात है। ऐसी पहल अच्छी प्रथाओं को एक-दूसरे के साथ साझा करने का बेहतरीन मौका देती है। इससे युवा दिमागों को उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरणा मिलती है। हमारा स्कूल हमेशा बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देता है।”

पिट्स मॉडर्न स्कूल की स्थापना साल 1967 में हुई थी। शुरू में यह आईसीआई (ओरिका) कंपनी के कर्मचारियों के बच्चों के लिए बनाया गया था, लेकिन आज यह पूरे इलाके के बच्चों के लिए एक बेहतरीन शिक्षा केंद्र बन चुका है। स्कूल सीबीएसई से स्थायी रूप से जुड़ा हुआ है और यहां पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और अन्य गतिविधियों पर भी पूरा जोर दिया जाता है।

प्रबंधन समिति एवं उद्योग जगत का क्या योगदान

गोमिया विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष अरिंदम दासगुप्ता ने बोला कि “यह मान्यता हमारे समर्पित शिक्षकों, स्टाफ और छात्रों के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। हम बच्चों के समग्र विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहते हैं।”

आईईपीएल (ओरिका), गोमिया के महाप्रबंधक अभिषेक विश्वास ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा,
“एक्सपोजर के जरिए सीखने को बढ़ावा देने वाली ऐसी पहल देखना बहुत प्रेरणादायक है। मेरा सभी छात्रों से कहना है कि वे केंद्रित रहें, कड़ी मेहनत करें और ऐसे मौकों का पूरा फायदा उठाएं। भविष्य में वे जरूर सफल होंगे।”

क्यों जरूरी है रोल मॉडल स्कूल की अवधारणा?

झारखंड सरकार की यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे एक स्कूल दूसरे स्कूल को प्रेरित कर सकता है। जब जामताड़ा के बच्चे पिट्स मॉडर्न स्कूल देखकर वापस लौटे तो उनके मन में नई ऊर्जा और नई सोच आई होगी। वे सोच रहे होंगे कि अगर गोमिया का यह स्कूल इतना अच्छा काम कर सकता है तो हम भी अपनी स्कूल को बेहतर बना सकते हैं।

आजकल शिक्षा सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। बच्चों को अच्छे बुनियादी ढांचे, आधुनिक सुविधाओं, शिक्षकों के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की जरूरत होती है। पिट्स मॉडर्न स्कूल इन सभी बातों का अच्छा उदाहरण पेश कर रहा है। यहां छात्र न सिर्फ अच्छे नंबर लाते हैं बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों के साथ बड़े होते हैं।

निष्कर्ष

24 मार्च 2026 का यह भ्रमण कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। पिट्स मॉडर्न स्कूल गोमिया ने साबित कर दिया कि समर्पण, सही प्रबंधन और सरकार के सहयोग से कोई भी स्कूल रोल मॉडल बन सकता है।

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