रायबरेली के महराजगंज क्षेत्र में सड़क की बदहाली से पांच गांव प्रभावित, नेताओं के वादे अब तक अधूरे

25 साल से बदहाल 3 किलोमीटर सड़क, ग्रामीणों की जिंदगी बनी संघर्ष

Raebareli: रायबरेली जिले के महराजगंज तहसील क्षेत्र में एक ऐसी सड़क है, जो पिछले 25 वर्षों से बदहाल पड़ी हुई है। यह सड़क आरती गौतम के दरवाजे से करमगंज तक करीब तीन किलोमीटर लंबी है, लेकिन इसकी हालत इतनी खराब है कि इसे सड़क कहना भी मुश्किल हो गया है। गड्ढों, कीचड़ और उबड़-खाबड़ रास्तों से भरी यह सड़क ग्रामीणों के लिए रोज की परेशानी बन चुकी है।

पांच गांवों के लोग रोज झेलते हैं मुश्किलें

इस तीन किलोमीटर लंबे मार्ग से करीब पांच गांव जुड़े हुए हैं। इन गांवों के लोग रोज इसी रास्ते से आना-जाना करते हैं। चाहे बच्चों को स्कूल जाना हो, किसानों को खेत या बाजार जाना हो या किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना हो—हर काम के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करना पड़ता है।

बच्चों को गोद में ले जाने की मजबूरी

सड़क की खराब स्थिति का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए माता-पिता को उन्हें गोद में उठाकर ले जाना पड़ता है। बरसात के समय तो यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों का चलना लगभग नामुमकिन हो जाता है। ऐसे में उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

मरीजों को चारपाई से ढोना पड़ता है

इस सड़क की बदहाली का सबसे गंभीर असर बीमार लोगों पर पड़ता है। गांव में जब कोई बीमार होता है, तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार मरीजों को चारपाई पर लिटाकर कंधे पर उठाकर इस खराब रास्ते से ले जाना पड़ता है। समय पर इलाज न मिल पाने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

25 साल से सिर्फ इंतजार

ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 25 वर्षों से इस सड़क के निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया।

जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार, नहीं हुई कोई सुनवाई

ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क बनवाने की मांग की है। उन्होंने कई बार प्रार्थना पत्र भी दिए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

विधायक के वादे भी अधूरे

ग्रामीणों ने बताया कि बछरावां क्षेत्र के विधायक श्याम सुंदर भारती ने चुनाव जीतने के बाद सड़क बनवाने का वादा किया था। लोगों को उम्मीद थी कि अब उनकी समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है।

नेताओं और मंत्रियों से लगाई उम्मीद

ग्रामीणों ने भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं और मंत्रियों से भी सड़क बनवाने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनका जीवन और भी कठिन हो जाएगा।

‘युद्ध लड़ने जैसा है इस सड़क पर चलना’

महराजगंज विकासखंड की नारायनपुर ग्राम पंचायत के जुनिहा गांव के लोगों ने बताया कि इस सड़क पर चलना किसी युद्ध लड़ने जैसा है। रास्ता इतना खराब है कि अक्सर लोग गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं।

बरसात में और भी ज्यादा खराब होती है स्थिति

बरसात के मौसम में इस सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है। पूरा रास्ता कीचड़ में बदल जाता है और कई जगह पानी भर जाता है। ऐसे में लोगों का घर से निकलना तक बहुत मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों की मांग—जल्द बने सड़क

ग्रामीणों की एक ही मांग है कि इस सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि सड़क बनने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और मरीजों के इलाज में भी सुविधा होगी।

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