रायबरेली में इन दिनों यातायात नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सड़कों पर दौड़ रहे मालवाहक वाहन अब यात्रियों को ढोने का जरिया बन चुके हैं। छोटे हाथी और पिकअप जैसे वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक लोगों को बैठाया जा रहा है, जिससे हर पल बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
वायरल वीडियो ने खोली सच्चाई
लखनऊ–प्रयागराज हाईवे से सामने आए कुछ वीडियो ने इस गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग वाहन के अंदर ही नहीं बल्कि किनारों और पीछे लटककर भी सफर कर रहे हैं। यह न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी है।

एआरटीओ प्रवर्तन पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। लंबे समय से इस मार्ग पर मालवाहक वाहनों में सवारियां ढोई जा रही हैं। कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में एआरटीओ प्रवर्तन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाया
इस पूरे मामले पर जब उप संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उनके फोन नंबरों पर संपर्क नहीं हो सका। इससे लोगों में और नाराजगी बढ़ गई है।
बड़ा सवाल: हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हालात जस के तस बने हुए हैं, जो किसी भी समय खतरनाक साबित हो सकते हैं।










