रायबरेली के नसीराबाद थाना क्षेत्र के कस्बे में शनिवार को सार्वजनिक रास्ते से ई-रिक्शा हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान चाचा पर हो रहे हमले को बचाने पहुंचे नगर पंचायत अध्यक्ष भी हमलावरों के निशाने पर आ गए और घायल हो गए। घटना के बाद दोनों पक्षों ने थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के नसीराबाद कस्बा निवासी सिद्दीक अहमद पुत्र मोहम्मद वली ने थाना नसीराबाद में दी गई तहरीर में बताया कि शनिवार दोपहर करीब तीन बजे वह वार्ड नंबर 10 स्थित मदरसे के पास खड़े थे। इसी दौरान वार्ड नंबर 4 सोनी नगर बंगला निवासी वसीम पुत्र बसीर ने सार्वजनिक रास्ते पर अपना ई-रिक्शा खड़ा कर दिया था, जिससे आवागमन बाधित हो रहा था।

सिद्दीक अहमद के अनुसार, जब उन्होंने रिक्शा हटाने को कहा तो वसीम के साथ मोहम्मद अहमद, तालिब और हुरैरा मौके पर आ गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। शोर-शराबा सुनकर उनके भतीजे नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद अली फाकिर (पुत्र सैय्यद अहमद) मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने लगे। आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिसमें मोहम्मद अली फाकिर समेत छोटे और मोहम्मद सईद को गंभीर चोटें आईं।
वहीं, दूसरे पक्ष से वार्ड नंबर 4 निवासी मोहम्मद वसीम ने भी पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि शाम करीब साढ़े तीन बजे मोहम्मद अली फाकिर, मोहम्मद सईद, मोहम्मद सिद्दीक, मोहम्मद अनस और मोहम्मद आदिल समेत कई लोग उनके घर पहुंचे और जानलेवा हमला कर दिया। वसीम का कहना है कि इस दौरान उनके साथ सरवरी को भी पीटा गया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद अली हाथ में पिस्टल लिए हुए थे।
घटना के बाद पुलिस ने घायल नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद अली को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है।थानाध्यक्ष पवन कुमार सोनकर ने बताया कि दोनों पक्षों से मारपीट की तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










