सुमन हत्याकांड के विरोध में निकाली गई कैंडल मार्च, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज

रामनवमी जुलूस के दिन हुई मासूम की हत्या पर फूटा गुस्सा, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर गिरफ्तारी की मांग

रामगढ़ जिले में 12 वर्षीय सुमन कुमारी की निर्मम हत्या के बाद जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। रामनवमी के दिन हुई इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद जब आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो लोगों का धैर्य जवाब देने लगा। इसी के विरोध में अब जनता सड़कों पर उतर आई है।

न्याय की मांग को लेकर निकाली गई कैंडल मार्च

न्याय की मांग को लेकर रामगढ़ कॉलेज गेट से सुभाष चौक तक एक विशाल और शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और स्थानीय लोग शामिल हुए। हाथों में मोमबत्तियां और दिल में न्याय की उम्मीद लिए लोग सड़कों पर उतरे और पूरे शहर में एकजुटता का संदेश दिया।

राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी

इस कैंडल मार्च में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के कई प्रमुख चेहरे भी शामिल रहे।
मुख्य रूप से शामिल रहे:

  • रामगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी पानेश्वर कुमार
  • मांडू विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बिहारी कुमार महतो
  • पार्टी के केंद्रीय, जिला और प्रखंड स्तर के सदस्य

इन नेताओं ने भी पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया।

जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग

मार्च में शामिल लोगों की मांग बिल्कुल साफ थी—

  • दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी
  • आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा
  • भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए कदम

लोगों का कहना था कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

नारों से गूंजा शहर, प्रशासन पर सवाल

कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी भी की।
मुख्य नारे रहे:

  • “दोषियों को फांसी दो”
  • “न्याय चाहिए”
  • “प्रशासन होश में आओ”

इस दौरान राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिली।

छात्रों की भूमिका से आंदोलन को मिली मजबूती

इस पूरे आयोजन में छात्रों की भागीदारी सबसे अधिक रही। उन्होंने न सिर्फ बड़ी संख्या में हिस्सा लिया, बल्कि पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। अभिभावकों ने भी बच्चों के साथ कदम से कदम मिलाकर न्याय की मांग को बुलंद किया।

निष्कर्ष

सुमन हत्याकांड अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि न्याय की एक बड़ी लड़ाई बन चुकी है। जिस तरह से समाज के हर वर्ग ने एकजुट होकर आवाज उठाई है, वह प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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