रायबरेली : लेखपाल का ‘जादुई’ चरागाह: कागजों में खाली, हकीकत में लहलहा रही गेहूँ की फसल

आईजीआरएस पर फर्जी निस्तारण का आरोप, शिकायतकर्ताओं को बिना सूचना किए मौके की खानापूर्ति

रायबरेली सदर तहसील क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सरकार भले ही भू-माफियाओं और अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’ नीति का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है। सदर तहसील के थुलवासा गाँव में तैनात लेखपाल प्रज्ञा जायसवाल पर सरकारी चरागाह की जमीन से जुड़े मामले में गंभीर अनियमितताओं और फर्जी रिपोर्ट लगाने के आरोप लगे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी कि गाँव की चरागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती की जा रही है। उस समय जमीन पर धान की फसल खड़ी थी। आरोप है कि लेखपाल द्वारा तत्काल कार्रवाई करने के बजाय जानबूझकर देरी की गई, जिससे कब्जाधारियों को फायदा मिल सके।

ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही धान की फसल कटी, उसी जमीन को दोबारा जोतकर गेहूँ की बुआई कर दी गई। इसके बाद लेखपाल ने बिना, शिकायतकर्ताओं को सूचना दिए, गुपचुप तरीके से कुछ चुनिंदा लोगों को मौके पर बुलाकर औपचारिकता पूरी कर ली और पोर्टल पर रिपोर्ट लगा दी कि चरागाह की जमीन कब्जा मुक्त करा ली गई है। जमीनी हकीकत कुछ और हैरानी की बात यह है कि जिस जमीन को कागजों में खाली दिखाया गया है, वहां वर्तमान में गेहूँ की फसल लहलहा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह फसल पप्पू उर्फ बसंतलाल द्वारा अवैध रूप से बोई गई है, जिससे साफ जाहिर होता है कि कब्जा अब भी बरकरार है।

पीड़ित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मौके पर जांच के दौरान उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उनकी गैरमौजूदगी में ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सरकारी निर्देशों की अनदेखी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके,थुलवासा का यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

गाँव के निवासियों ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी (सदर) से करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी रिपोर्ट को निरस्त किया जाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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