झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह उस वक्त मातम पसर गया जब जंगली हाथियों के झुंड ने तीन लोगों की जान ले ली। अलग-अलग जगहों पर हुए इन हमलों ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। घटना के बाद से गांवों में डर का माहौल है और लोग घरों से निकलने से भी घबरा रहे हैं।
ईंट भट्ठे पर सो रहे मजदूर बने पहला शिकार
पहली घटना गोला वन क्षेत्र के पास स्थित एक ईंट भट्ठे की है, जहां रात में सो रहे दो मजदूरों पर हाथियों ने हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाथियों का झुंड बेहद आक्रामक था और काफी देर तक इलाके में उत्पात मचाता रहा।

महुआ चुनने गए बुजुर्ग पर टूटा कहर
दूसरी घटना जंगल के अंदर की है, जहां एक बुजुर्ग महुआ चुनने गए थे। इसी दौरान हाथियों के झुंड ने उन्हें घेर लिया और कुचल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका पहले भी हाथियों की आवाजाही का केंद्र रहा है, लेकिन इस तरह की घटना ने सबको डरा दिया है।
गांवों की ओर बढ़ रहा हाथियों का झुंड, बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 12 हाथियों का झुंड लगातार गांवों की ओर बढ़ रहा है। इससे जान-माल का खतरा और बढ़ गया है।
ग्रामीणों की प्रमुख चिंताएं:
- रात में खेत और घर सुरक्षित नहीं
- बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खतरा
- फसलों को भी भारी नुकसान की आशंका
प्रशासन और वन विभाग पहुंची मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाएं और सतर्क रहें।
वन विभाग की कार्रवाई:
- प्रभावित क्षेत्रों में गश्त तेज
- लोगों को माइकिंग के जरिए चेतावनी
- हाथियों के मूवमेंट पर नजर
ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिवारों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए और हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ा जाए।










