तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (TTPS) में लगातार सामने आ रहे श्रम कानूनों के उल्लंघन को लेकर मजदूरों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर दिखा। बोकारो थर्मल स्थित सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के बाहर ठेकेदार मजदूर यूनियन ने ‘डेरा डालो’ कार्यक्रम आयोजित कर विरोध जताया। मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन लंबे समय से नियमों की अनदेखी कर रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पर ठोस कार्रवाई करने में विफल रहा है।
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे यूनियन के महासचिव इफ्तिखार महमूद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस तरह गंभीर मरीज को आईसीयू में रखा जाता है, उसी तरह इस मुद्दे पर भी कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सहायक श्रमायुक्त कार्यालय इस गंभीर स्थिति को सामान्य मानकर चल रहा है, जिससे प्रबंधन को खुली छूट मिल गई है।

पुराने फैसलों का भी नहीं हो रहा पालन
यूनियन ने यह भी मुद्दा उठाया कि 29 मई 2025 और 9 जनवरी 2026 को लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का अब तक सही तरीके से पालन नहीं कराया गया है।
मजदूरों का कहना है कि:
- फैसलों के बावजूद हालात जस के तस हैं
- उल्लंघन पर स्वतः संज्ञान नहीं लिया जा रहा
- प्रबंधन अपनी मनमानी जारी रखे हुए है
इससे मजदूरों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रबंधन पर मनमानी का आरोप
मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि टीटीपीएस प्रबंधन न केवल श्रम कानूनों की अनदेखी कर रहा है, बल्कि कई मामलों में खुद ही नियम तय करने लगा है। यहां तक कि कुछ प्रशासनिक और पहचान से जुड़े मामलों में भी प्रबंधन की भूमिका बढ़ती जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है। यूनियन ने इसे “व्यवस्था पर सीधा प्रहार” बताया।
आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित
डेरा डालो कार्यक्रम के दौरान सहायक श्रमायुक्त रंजीत कुमार खुद मौके पर पहुंचे और मजदूरों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी और अनियमितताओं पर जल्द कार्रवाई होगी। उनके आश्वासन के बाद यूनियन महासचिव ने फिलहाल आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की।
डेरा डालो कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता एवं झारखंड आंदोलनकारी मोहम्मद शाहजहां, यूनियन के उप महासचिव समीर कुमार हलदार, यूनियन के सचिव मुकुंद साव, डेगलाल महतो, फूलचंद मुर्मू, जागेश्वर शर्मा, वली वारसी, मिलन राम, सलीम अंसारी, खिरोधर साव, अजय भंडारी, बसंत साव, धनु ठाकुर, सुखारी प्रजापति, छोटन यादव, जागेश्वर राम, गोवर्धन कपरदार, गणेश सिंह, सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह, वकील प्रजापति, इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोतीबुर रहमान एवं देवानंद प्रजापति ने संयुक्त रूप से किया।










