डॉ.भीमराव अंबेडकर की जयंती से पहले समाज सेवा की अनोखी मिसाल पेश करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सेवा इकाई ‘सेवा भारती’ ने व्यापक स्तर पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और अंबेडकर के सामाजिक समरसता के विचारों को आगे बढ़ाना रहा।
8 स्थानों पर लगा शिविर, बड़ी संख्या में पहुंचे मरीज
शहर के चतुभुजपुर, बहराना, शक्ति नगर, अहिया रायपुर, किला बाजार, जैतपुर, गांधीनगर और मुंशीगंज समेत कुल आठ स्थानों पर एक साथ शिविर लगाए गए। सुबह 9 बजे से शुरू हुए इस अभियान में कुल 1461 मरीजों ने पंजीकरण कराकर इलाज और परामर्श प्राप्त किया। शिविरों में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहे, जिससे लोगों को एक ही स्थान पर कई तरह की चिकित्सा सुविधा मिली।

37 डॉक्टरों ने दी सेवाएं
इन शिविरों में कुल 37 चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। खास बात यह रही कि एम्स रायबरेली से भी लगभग दो दर्जन डॉक्टरों ने भागीदारी की। प्रमुख चिकित्सकों में डॉ. पूजा द्विवेदी, डॉ. मनीष त्रिवेदी, डॉ. सुमेधा रस्तोगी, डॉ. संजय रस्तोगी, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह और डॉ. सिद्धांत सिंह शामिल रहे। डॉक्टरों ने मरीजों को न केवल उपचार दिया, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी बढ़ाई।
स्वयंसेवकों ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 10 शाखाओं से जुड़े 87 स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने मरीजों के पंजीकरण, व्यवस्था और मार्गदर्शन का जिम्मा संभाला। सेवा भारती के कार्यकर्ताओं जैसे शेखर शुक्ला, सुरेश गुप्ता, गजेंद्र मौर्य और अन्य ने अलग-अलग शिविरों में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित कीं।
अंबेडकर के विचारों से मिली प्रेरणा
शिविरों में डॉ. भीमराव अंबेडकर और भारत माता के चित्र स्थापित कर पुष्प अर्पित किए गए। विभाग प्रचारक डॉ. अमित रजावत समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि अंबेडकर ने समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का जो संदेश दिया, वही इस आयोजन की प्रेरणा बना। उनका मानना है कि स्वास्थ्य सेवा भी सामाजिक समानता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गरीब और जागरूकता से वंचित वर्ग को मिला लाभ
इस स्वास्थ्य शिविर में नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन का विशेष योगदान रहा जिसके अध्यक्ष डॉ रजत सुभ्रा दास ने बताया कि इस तरह के आयोजन समाज में सेवा कार्य को प्रेरित करते हैं जिसका लाभ उसे स्टार के लोग प्राप्त करते हैं जो चिकित्सक की महंगी फीस नहीं दे पाते या फिर जो अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक नहीं है खासकर महिलाएं और बच्चे जानकारी की अभाव में यह लोग समय से इलाज नहीं करवा पाए जिससे बीमारी का इलाज हो जाती है और बड़ी हो जाती है ऐसे स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से उन्हें जागरूक किया जाता है l
सामाजिक दायित्व का उदाहरण
सेवा भारती के विभाग अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने लगने वाले स्वास्थ्य शिविर में व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया उन्होंने बताया कि संगठन का सेवा कार्य से जुड़कर उसे आगे बढ़ना सामाजिक दायित्व है जिसका निर्वाहन करना चाहिए।










