बोकारो थर्मल स्थित केन्द्रीय विद्यालय परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। विद्यालय में सुबह से ही आयोजन की तैयारियां दिखने लगी थीं और छात्रों के चेहरे पर उत्सुकता साफ झलक रही थी। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह प्रेरणादायक बना रहा।
दीप प्रज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.आर. डे और शिक्षकों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान अंबेडकर जी के चित्र के सामने सभी ने श्रद्धापूर्वक नमन किया। पूरे सभागार में एक सकारात्मक ऊर्जा महसूस की गई, जहां हर कोई इस महान व्यक्तित्व को याद करने के लिए एकत्रित था।

पुष्पांजलि अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि
इस अवसर पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने अंबेडकर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। छात्रों ने भी इस दौरान उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।
प्राचार्य ने बताया संघर्ष और सफलता का संदेश
प्राचार्य डॉ. बी.आर. डे ने अपने संबोधन में अंबेडकर जी के संघर्षपूर्ण जीवन की चर्चा की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और देश को एक मजबूत संविधान दिया। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे शिक्षा, समानता और न्याय के मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाएं।
छात्रों को मिली नई प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खास उत्साह देखने को मिला। उन्होंने न केवल अंबेडकर जी के विचारों को सुना, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारने का भी संकल्प लिया। यह आयोजन छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।
कार्यक्रम का संचालन सुमित कुमार ने किया, जबकि अंत में विभा रानी श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।










