रायबरेली जिले के भदोखर गांव में 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस मौके पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लिया और बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में लोगों ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और समाज के लिए दिए गए योगदान को याद किया। ग्रामीणों ने कहा कि बाबा साहब ने अपने जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया।

मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए युवा नेता पुष्पेंद्र सिंह
इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता पुष्पेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके पहुंचने पर ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
पुष्पेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने कठिन संघर्षों के बावजूद शिक्षा प्राप्त की और समाज में समानता लाने के लिए जीवनभर काम किया।
बाबा साहब के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला
अपने भाषण में पुष्पेंद्र सिंह ने डॉ. अंबेडकर के जीवन पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जन्म एक ऐसे समय में हुआ था जब समाज में छुआछूत और भेदभाव जैसी बुराइयाँ फैली हुई थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से उच्च शिक्षा प्राप्त की और देश-विदेश में नाम कमाया।
उन्होंने बताया कि डॉ. अंबेडकर भारत के संविधान के निर्माता हैं और उन्होंने देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा दिया। उनके योगदान के कारण ही आज भारत में सभी नागरिकों को समान अधिकार मिले हुए हैं।
पुष्पेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है और उनका सम्मान केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में किया जाता है।
शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार
अपने संबोधन में युवा नेता ने शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पीएगा वह दहाड़ेगा।” उन्होंने इस कथन के माध्यम से लोगों को समझाया कि शिक्षा ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे बड़ा साधन है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा से न केवल व्यक्ति का जीवन बदलता है बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव आता है। शिक्षा के माध्यम से सोच बदलती है और इंसान अपने जीवन में सफलता की ओर आगे बढ़ता है।
पुष्पेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि अगर समाज को मजबूत बनाना है तो शिक्षा को हर घर तक पहुंचाना जरूरी है।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह और एकजुटता
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा इस आयोजन में शामिल हुए। सभी ने मिलकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
लोगों ने कहा कि बाबा साहब ने एक समान समाज की कल्पना की थी, जिसमें सभी लोग बिना किसी भेदभाव के साथ रहें। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वे उनके सपनों को साकार करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
विकास और सामाजिक कार्यों का आश्वासन
इस मौके पर पुष्पेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे आने वाले समय में रायबरेली क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि वे भाजपा कार्यकर्ता के रूप में गांव और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम करेंगे।
उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को भी सुना और समाधान के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सड़क, पानी और रोजगार जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन और संदेश
कार्यक्रम का समापन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके विचारों को अपनाने के संकल्प के साथ हुआ। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि वे समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा देंगे।










