अमेठी जिले के जायस कस्बे में गुरुवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान चलाया। सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई ने पूरे बाजार क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी। सड़क और नाले की पटरी पर वर्षों से जमे अस्थायी कब्जों को हटाने के लिए प्रशासनिक टीम पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंची। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, दुकानदारों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने बिना देर किए अपना सामान हटाना शुरू कर दिया।
पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान
इस अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए जायस थाना प्रभारी अमरेंदर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। प्रशासन ने टीनशेड, ठेले, अस्थायी दुकानों और अन्य अवैध ढांचों को हटवाया। अधिकारियों की मौजूदगी और पुलिस की सतर्कता के चलते कहीं से भी विरोध की स्थिति नहीं बनी। पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।

जाम और जलभराव बना बड़ी वजह
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सड़क किनारे लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। आए दिन लगने वाले जाम से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। इसके अलावा नालों पर किए गए कब्जों की वजह से जल निकासी व्यवस्था भी बाधित हो रही थी, जिससे बरसात के मौसम में जलभराव का खतरा बढ़ जाता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई।
दुकानदारों में दिखी जल्दबाजी
कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने प्रशासन की सख्ती को देखते हुए खुद ही अपने अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए। कुछ लोग जल्दी-जल्दी सामान समेटते नजर आए, जबकि कुछ अपनी दुकानों के सामने से टीनशेड और अन्य ढांचे हटाते दिखे। माहौल ऐसा था कि हर कोई किसी भी तरह कार्रवाई से बचना चाहता था।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य पूरे नगर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाना है ताकि यातायात और सफाई व्यवस्था बेहतर हो सके।
चेतावनी: दोबारा कब्जा किया तो होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में फिर से सड़क, नाले की पटरी या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण किया गया, तो सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










