अमेठी (Amethi) जनपद के तिलोई तहसील क्षेत्र के सिंहपुर स्थित अहोरवा भवानी गांव में कथित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। मामले में भाजपा के सिंहपुर ब्लॉक प्रमुख अंकित पासी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने अंकित पासी समेत 40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी गजेंद्र गुप्ता (Gajendra Gupta) और अंकित पासी (Ankit Pasi) के बीच लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा है। आरोप है कि विवाद के दौरान एक बुजुर्ग के करीब 40 वर्ष पुराने मकान पर बुलडोजर चलवाया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि कार्रवाई के समय कोई सक्षम प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था और जबरन मकान को क्षतिग्रस्त किया गया। आरोप यह भी है कि विरोध करने पर घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी गई तथा शांति भंग करने जैसी घटनाएं भी हुईं।

पीड़ित पक्ष का दावा है कि घटना के बाद कई दिनों तक न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाए गए, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कांग्रेस नेत्री सुनीता सिंह ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मोहनगंज क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेत्री सुनीता सिंह ने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में पीड़ित की शिकायत को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के बाद शिवरतनगंज पुलिस ने भाजपा ब्लॉक प्रमुख अंकित पासी तथा 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी, घर में जबरन घुसने, शांति भंग सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से कथित बुलडोजर कार्रवाई की वैधता या आरोपों के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र में इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है और सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।










