DAV पब्लिक स्कूल, सीसीएल कथारा में शनिवार को महान आध्यात्मिक चिंतक, युगप्रवर्तक एवं युवा प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) की पुण्यतिथि श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। विद्यालय की प्रार्थना सभा स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व, कृतित्व, विचारों एवं वेदान्त दर्शन को समर्पित रही। विद्यार्थियों ने भाषण, कविता, प्रश्नोत्तरी एवं प्रेरक विचारों की प्रस्तुति के माध्यम से उनके जीवन-दर्शन को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र पर विद्यालय के प्राचार्य सह सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी.एन. खान, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। छात्र निकुंज ने स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत किए। मदीहा, उमैरा एवं आर्या ने ओजपूर्ण कविता पाठ किया। आयुषी एवं पावनी श्री ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन का कार्य किया, जबकि आयुषी एवं शैली ने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व, राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान तथा युवाओं के लिए उनके संदेशों पर प्रभावशाली भाषण दिया।

अपने संबोधन में प्राचार्य सह सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी.एन. खान ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए आध्यात्मिक चेतना, आत्मबल, राष्ट्रभक्ति और मानव सेवा के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार, आदर्श और वेदान्त दर्शन आज भी समस्त संसार के लिए पथ-प्रदर्शक एवं प्रकाशस्तंभ हैं। उनका प्रसिद्ध संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” आज भी प्रत्येक विद्यार्थी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात कर अनुशासित, आत्मविश्वासी एवं राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित नागरिक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार, नागेंद्र प्रसाद, डॉ. आर.एस. मिश्रा, जितेंद्र दुबे, टी.एम. पाठक, बी.के. दसौंधी, आराधना, रितेश कुमार, वीणा कुमारी, खुशबू कुमारी, ममता पात्रा, ओशीन संगीत कुमार, जयपाल साव सहित विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।










