रायबरेली: शहर कोतवाली क्षेत्र के सरस्वती नगर मोड़ पर लखनऊ-प्रयागराज हाईवे के किनारे बना खुला और जर्जर नाला लगातार हादसों को दावत दे रहा है। हैरानी की बात यह है कि कई दुर्घटनाएं होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग और प्रशासन आंखें मूंदे बैठे हैं। लोगों की जान खतरे में है, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं दिखाई दे रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि त्रिपुला चौराहे से लेकर रतापुर चौराहे तक हाईवे के दोनों तरफ बने बड़े-बड़े नालों की हालत बेहद खराब है। नालों पर रखे गए पत्थर पूरी तरह टूट चुके हैं और उनमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई स्थानों पर नाला फट चुका है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

बरसात से पहले नहीं हुई कोई तैयारी
मानसून की दस्तक से पहले जहां शहर के संवेदनशील इलाकों में मरम्मत और सफाई कार्य होना चाहिए था, वहीं इस इलाके में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दी है। नालों की सफाई अधूरी है और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी शुरू नहीं हुई है। स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि बारिश शुरू होते ही नाले पानी से भर जाएंगे और खतरा और अधिक बढ़ जाएगा।
रविवार, 14 जून 2026 को शाम करीब 5 बजे स्थानीय निवासी अशोक सिंह, संदीप कुमार, चमन सिंह और रितेश सिंह सहित कई लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए बताया कि सरस्वती नगर मोड़ पर स्थित यह खुला नाला रोजाना किसी न किसी हादसे का कारण बनता है। कभी बाइक सवार इसमें गिर जाते हैं तो कभी मवेशी नाले में फंस जाते हैं। शाम के समय अंधेरा होने पर खतरा और बढ़ जाता है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण क्षेत्रवासियों को रोजाना खतरे के बीच गुजरना पड़ रहा है।
अब सवाल यह है कि आखिर लोगों की जान से खिलवाड़ कब तक होता रहेगा? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?










