Ramgarh: रामगढ़ जिले में अवैध कोयला खनन और चोरी के खिलाफ सीसीएल प्रबंधन तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। करमा, लइयो और चरही क्षेत्र में अलग-अलग ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान करीब 169.07 टन अवैध कोयला बरामद किया गया। कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद अवैध खनन से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है।
लाखों रुपये का अवैध कोयला बरामद

अभियान के दौरान बरामद कोयले की कुल अनुमानित कीमत 5,44,437.093 रुपये बताई गई है। सुरक्षा बलों और सीसीएल की टीम ने उन स्थानों को निशाना बनाया, जहां अवैध तरीके से कोयला निकालने, जमा करने और उसकी चोरी किए जाने की सूचना थी। कार्रवाई के बाद संबंधित इलाकों में अवैध कोयले के कारोबार से जुड़े लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।
20 लाख रुपये के उपकरण जब्त
केवल कोयला ही नहीं, बल्कि अवैध खनन में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी टीम के हाथ लगे हैं। कार्रवाई के दौरान एक इलेक्ट्रॉनिक कंप्रेसर और ड्रिल मशीन बरामद की गई। इन उपकरणों की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अवैध खनन के लिए बाकायदा मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा था।
अधिकारियों के निर्देश पर चला अभियान
अभियान CISF Unit CCL NK & Piparwar के कमांडेंट अमित कुमार, CCL कुज्जू के GM राजीव कुमार सिन्हा और CCL चरही के GM कल्याण प्रसाद के निर्देश पर चलाया गया। संबंधित टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर अवैध कोयले के भंडारण और खनन से जुड़े ठिकानों की जांच की।
बरामद सामग्री CCL को सौंपी गई
तीनों स्थानों से बरामद करीब 169.07 टन कोयला और खनन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को आगे की प्रक्रिया के लिए सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया। विभागीय स्तर पर बरामदगी से संबंधित आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

अभियान जारी रखने की तैयारी
CISF और CCL प्रबंधन ने साफ किया है कि कंपनी की खनिज संपदा और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। अवैध खनन, कोयला चोरी और अवैध भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कोयला तस्करी पर शिकंजा कसने की कोशिश
रामगढ़ और हजारीबाग जिले के कोयला क्षेत्रों में इस संयुक्त कार्रवाई को अवैध खनन के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक साथ तीन स्थानों पर हुई कार्रवाई ने यह संकेत दिया है कि सीसीएल और CISF अब अवैध खनन तथा कोयला चोरी से जुड़े नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखने के मूड में हैं।










