25 नवंबर के बाद संसद में शून्य हो सकती है बसपा की मौजूदगी, रामजी गौतम का कार्यकाल होगा खत्म

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अहम स्थिति बनने जा रही है। पार्टी के राज्यसभा में एकमात्र सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। मौजूदा विधानसभा संख्या बल को देखते हुए बसपा के लिए राज्यसभा में अपना प्रतिनिधित्व बरकरार रखना चुनौतीपूर्ण है।

बसपा इस समय लोकसभा में किसी सांसद का प्रतिनिधित्व नहीं रखती, जबकि उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी पार्टी का कोई विधायक नहीं है। ऐसे में रामजी गौतम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संसद के दोनों सदनों में बसपा का कोई सदस्य नहीं रहेगा। हिन्दुस्तान टाइम्स ने इसे 1989 में संसद में बसपा के प्रवेश के बाद पहली ऐसी स्थिति बताया है, जब पार्टी दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व विहीन हो सकती है।

16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव

निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। इन सीटों में बसपा के रामजी गौतम की सीट भी शामिल है। मतदान और मतगणना 16 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है, जबकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होगा।

राज्यसभा के चुनाव में किसी उम्मीदवार की जीत के लिए विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों का मत महत्वपूर्ण होता है। मौजूदा विधानसभा में बसपा का कोई विधायक नहीं होने के कारण पार्टी के पास अपने दम पर राज्यसभा सीट हासिल करने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है। हालिया रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि बसपा को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व बनाए रखने के लिए दूसरे दल के समर्थन की आवश्यकता पड़ सकती है।

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी प्रतिनिधित्व पर संकट

बसपा ने 1989 में पहली बार संसद में प्रवेश किया था और बाद के वर्षों में लोकसभा तथा राज्यसभा दोनों में उसका प्रतिनिधित्व रहा। हालांकि, मौजूदा समय में लोकसभा में पार्टी का कोई सांसद नहीं है। अब रामजी गौतम का कार्यकाल पूरा होने के बाद राज्यसभा में भी बसपा की सीट समाप्त हो सकती है।

ऐसे में 25 नवंबर के बाद बसपा की संसदीय स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी। हालांकि, राज्यसभा चुनाव के परिणाम आने तक यह अंतिम रूप से नहीं कहा जा सकता कि बसपा का प्रतिनिधित्व समाप्त ही होगा, क्योंकि चुनाव में राजनीतिक दलों के बीच समर्थन और चुनावी समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वर्तमान में निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर मुकाबला होना है।उपलब्ध ताजा स्रोतों से लोकसभा और विधानसभा में बसपा की स्थिति पुष्ट होती है; विधान परिषद के संबंध में इस खबर में अलग से दावा नहीं जोड़ा गया है।

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