TMC के नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, EC से कहा- ‘समय-सीमा तय करें’

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। पार्टी संस्थापक ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) से पूछा कि वह इस विवाद पर अंतिम फैसला कब तक ले सकता है। अदालत ने आयोग को अगली सुनवाई तक स्पष्ट समयसीमा बताने का निर्देश दिया है।

यह मामला चुनाव आयोग के उस अंतरिम आदेश से जुड़ा है, जिसमें पार्टी के भीतर दो गुटों के विवाद के कारण ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) का मूल नाम और उसका पारंपरिक “फूल और घास” चुनाव चिन्ह पर रोक लगा दी है। आयोग ने उपचुनावों के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और अलग-अलग चुनाव चिन्ह आवंटित किए थे।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि ऐसे मामलों का जल्द समाधान होना जरूरी है, क्योंकि चुनाव चिन्ह और पार्टी की पहचान चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि अंतिम फैसला आने तक दोनों पक्षों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। कोर्ट ने चुनाव आयोग से निर्देश लेकर अगली सुनवाई में अपनी समयसीमा बताने को कहा।

सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी की ओर से दलील दी गई कि चुनाव आयोग का अंतरिम आदेश पार्टी की मूल पहचान और चुनाव चिन्ह को प्रभावित करता है। याचिका में आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए मूल नाम और चिन्ह बहाल करने की मांग की गई है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा कि यह व्यवस्था केवल अंतरिम है और अंतिम निर्णय विवाद की पूरी सुनवाई के बाद लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने अवलोकन में शिवसेना के चुनाव चिन्ह विवाद का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी से बचना चाहिए। अदालत ने चुनाव आयोग से विवाद के निपटारे की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर जोर दिया।

अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। तब चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट को बताएगा कि तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह विवाद पर अंतिम फैसला देने में उसे कितना समय लगेगा। फिलहाल आयोग का अंतरिम आदेश लागू रहेगा और अंतिम निर्णय आने तक दोनों गुट अपने-अपने आवंटित नाम और चुनाव चिन्ह का उपयोग करेंगे।

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