पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना जताई है। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। ममता ने साफ किया कि उनकी मौजूदगी अभी तय नहीं है और इस संबंध में अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।
CJP के प्रदर्शन को पहले भी दिया समर्थन

ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा कि उनकी पार्टी के CJP के साथ संबंध रहे हैं और वह पहले भी संगठन के आंदोलन को समर्थन दे चुकी है। उन्होंने संकेत दिया कि 10 अक्टूबर के कार्यक्रम में भागीदारी को लेकर पार्टी स्तर पर आगे निर्णय लिया जाएगा। CJP ने इससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया था और 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा की थी।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना
दिल्ली जाने से पहले ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों को ममता बनर्जी के राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।
राहुल-प्रियंका के समर्थन में भी बोलीं ममता
ममता बनर्जी ने हाल के दिल्ली विरोध प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को आंदोलन में शामिल होने का अधिकार है और वह इस मामले को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर सकती हैं। 6 और 7 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
त्योहार के बीच दिल्ली जाने का फैसला
ममता बनर्जी ने कहा कि त्योहारों का मौसम चल रहा है और लोग पूजा-पाठ में व्यस्त हैं, लेकिन महत्वपूर्ण राजनीतिक और लोकतांत्रिक मुद्दों पर विपक्ष की मौजूदगी जरूरी है। उनके मुताबिक, जब किसी मुद्दे को लेकर लोग आवाज उठा रहे हों, तब उनके साथ खड़ा होना जरूरी है। इसी वजह से उन्होंने दिल्ली में चल रहे विपक्षी INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने का फैसला किया।
CJP और छात्र संगठनों ने मिलाया हाथ
10 अक्टूबर के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर CJP के साथ कई छात्र संगठनों ने भी हाथ मिलाया है। रिपोर्टों के मुताबिक AISA, SFI और AISF समेत छात्र संगठनों ने चुनावी सुधारों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संयुक्त आंदोलन का ऐलान किया है। आयोजकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।
ममता की मौजूदगी पर अंतिम फैसला बाकी
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 10 अक्टूबर को ममता बनर्जी खुद जंतर-मंतर पहुंचेंगी या नहीं। उन्होंने अपनी संभावित भागीदारी से इनकार नहीं किया है, लेकिन अंतिम निर्णय भी घोषित नहीं किया है। ऐसे में 10 अक्टूबर का प्रदर्शन विपक्षी दलों और CJP के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम बन सकता है।










