भूमिहीन लोहार–बढ़ईया बिरादरी के पुनर्वास की मांग तेज कमिश्नर को सौपा ज्ञापन

रायबरेली : विश्व दलित परिषद उत्तर प्रदेश के बैनर तले भूमिहीन लोहार–बढ़ईया बिरादरी के परिवारों के पुनर्वास की मांग एक बार फिर तेज हो गई है और इसको लेकर कमिश्नर को ज्ञापन सोपा गया है। वर्षों से शहर की सड़कों के किनारे झुग्गियों में रहकर जीवन यापन कर रहे ये परिवार मंडलीय जनता दर्शन और नगर पालिका परिषद की बैठकों में हुए आदेशों के बावजूद अब तक स्थायी आवास से वंचित हैं। 21 नवंबर 2023 को मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद रायबरेली को अहमदपुर नजूल (साकेत नगर) की चिन्हित भूमि पर पट्टा देकर बसाने का निर्देश दिया था। फरवरी 2024 में परिषद बोर्ड ने भी मुफ्त भूमि आवंटन का प्रस्ताव पारित किया। 14 जून 2024 को पुनर्वास का आदेश जारी हुआ और 20 जून तक प्रभावित परिवारों की सूची नगर पालिका में जमा कर दी गई। मगर 21 जून को अधिशासी अधिकारी ने पुराने आवंटनों की जांच एंव उल्टे ही लोहर बढ़ईया बिरादरी से प्रदेश के किसी जनपद में पालिका/पंचायत में कही भी आवंटन किये जाने का दस्तावेज शासनादेश का हवाला देकर प्रक्रिया को लम्बित कर रोक दी। विश्व दलित परिषद ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण सड़क किनारे रहने को मजबूर ये परिवार आज भी सर्दी–गर्मी और बरसात की मार झेल रहे हैं। परिषद ने नगर पालिका परिषद व प्रशासन से मांग की है कि चिन्हित भूमि पर तत्काल पट्टा आवंटन कर इन परिवारों को स्थायी बस्ती बसाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

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