बेलहरा: नगर पंचायत बेलहरा को अस्तित्व में आए करीब नौ वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस दौरान स्थानीय निकाय का दूसरा कार्यकाल भी समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन नगरवासियों को अब तक उन मूलभूत सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल सका है, जिनकी उम्मीद नगर पंचायत गठन के समय की गई थी। सबसे बड़ी समस्या आज भी शुद्ध पेयजल की बनी हुई है। भीषण गर्मी के बीच अधिकांश वार्डों के लोग साफ पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
कुछ वार्डों तक सीमित रह गई पाइपलाइन योजना
नगर पंचायत क्षेत्र के 15 वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया गया था, लेकिन इसका लाभ अभी तक पूरे नगर को नहीं मिल पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित रूप से टोंटी से पानी केवल दो या तीन वार्डों में ही पहुंच रहा है। बाकी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को आज भी पानी के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

पेयजल आपूर्ति की यह अधूरी व्यवस्था लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर रही है। गर्मी बढ़ने के साथ-साथ पानी की मांग भी बढ़ी है, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है।
हैंडपंपों का पानी भी नहीं दे रहा राहत
जिन इलाकों में पाइपलाइन का पानी नहीं पहुंच रहा, वहां के लोग सरकारी हैंडपंपों से अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। हालांकि कई स्थानों पर हैंडपंपों से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक कई हैंडपंपों का पानी बदबूदार और दूषित प्रतीत होता है। ऐसे पानी के उपयोग से लोगों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति परेशानी का कारण बनी हुई है।
लाखों रुपये के वॉटर कूलर बने बेकार
नगर पंचायत ने कुछ वर्ष पहले सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से वॉटर कूलर स्थापित कराए थे। शुरुआत में इनसे लोगों को काफी राहत मिली, लेकिन समय के साथ रखरखाव की कमी के कारण अधिकांश वॉटर कूलर अपनी उपयोगिता खो बैठे।
वर्तमान में कई कूलरों से ठंडे पानी की बजाय सामान्य पानी निकल रहा है। इससे राहगीरों और बाजार आने-जाने वाले लोगों को गर्मी के दिनों में अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पा रही है।
नगर पंचायत गठन के समय जगी थीं बड़ी उम्मीदें
जब बेलहरा को नगर पंचायत का दर्जा मिला था, तब लोगों को विश्वास था कि क्षेत्र में सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। हालांकि नौ साल बाद भी शुद्ध पेयजल जैसी सबसे आवश्यक सुविधा पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकी है।
नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही, जिसके कारण लोगों को आज भी मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
नगर पंचायत प्रशासन का दावा है कि पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिशासी अधिकारी राजेश चौधरी के अनुसार खराब पड़े छह वॉटर कूलरों की मरम्मत कराई जा चुकी है और उन्हें जल्द चालू कराया जाएगा।
इसके अलावा सभी 15 वार्डों में पेयजल लाइन विस्तार का कार्य भी जारी है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
गर्मी में बढ़ रही लोगों की चिंता
तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच बेलहरा के लोगों की नजरें अब प्रशासनिक वादों पर टिकी हैं। नगरवासियों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का जल्द समाधान होगा। फिलहाल स्थिति यह है कि बड़ी आबादी को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और लोगों का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है।










