ASH MEET 2026: राख समागम 2026 में उद्यमियों की कम मौजूदगी पर उठे सवाल

ASH MEET 2026: स्थानीय राख उपयोगकर्ताओं ने डीवीसी प्रबंधन पर सहयोग नहीं करने का लगाया आरोप, बोले- सेमिनार से नहीं, आसान प्रक्रिया से बढ़ेगा राख का उपयोग

बोकारो थर्मल: दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के बोकारो थर्मल पावर स्टेशन की ओर से शनिवार को ऑफिसर क्लब में आयोजित ‘राख समागम 2026/ASH MEET 2026’ में कम भागीदारी को लेकर सवाल उठे। कार्यक्रम का आयोजन ‘स्वच्छ राख, सुरक्षित पर्यावरण, सतत् भविष्य’ थीम के तहत किया गया था। इसका उद्देश्य राख प्रबंधन और उसके अधिक से अधिक उपयोग को लेकर उद्यमियों एवं संबंधित पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करना था।कार्यक्रम में स्थानीय उद्यमियों, ईंट-भट्ठा संचालकों तथा सीमेंट और आरएमसी प्लांट से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया था।

हालांकि, कुछ स्थानीय राख उपयोगकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर राख उठाव को लेकर उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि कार्यक्रमों में राख के अधिकतम उपयोग की बात तो की जाती है, लेकिन वास्तविक रूप से राख प्राप्त करने की प्रक्रिया जटिल होने के कारण छोटे उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

राख उठाव की प्रक्रिया आसान करने की मांग

स्थानीय उद्यमियों के अनुसार राख उठाने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा लोडिंग और परिवहन को लेकर भी उन्हें स्वयं व्यवस्था करनी पड़ती है। कुछ उद्यमियों ने छोटे उपयोगकर्ताओं को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिलने की बात कही। उनका कहना है कि यदि राख का अधिक से अधिक उपयोग बढ़ाना है तो डीवीसी को प्रक्रिया सरल करने के साथ छोटे उद्यमियों के लिए भी सुविधाजनक व्यवस्था करनी चाहिए।

कार्यक्रम में स्थानीय उपयोगकर्ताओं की कम मौजूदगी चर्चा का विषय

कार्यक्रम में डीवीसी से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी रही, जबकि स्थानीय राख उपयोगकर्ताओं की कम भागीदारी चर्चा का विषय बनी रही। मौजूद लोगों के बीच यह सवाल भी उठा कि यदि राख के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समागम आयोजित किया गया था, तो स्थानीय स्तर पर राख का इस्तेमाल करने वाले अधिक से अधिक उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी क्यों नहीं हो सकी।

कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि केवल आयोजन और जागरूकता कार्यक्रमों से राख उपयोग की समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए डीवीसी और राख उपयोगकर्ताओं के बीच व्यावहारिक स्तर पर बेहतर समन्वय जरूरी है।

जमीन पर पड़ी राख से प्रदूषण की भी चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि बोकारो थर्मल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में फ्लाई ऐश मौजूद रहती है। तेज हवा चलने पर इसके फैलने से आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण की आशंका बनी रहती है। ऐसे में राख का सुरक्षित एवं अधिकतम उपयोग पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

स्थानीय उद्यमियों ने मांग की है कि डीवीसी राख उठाव की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाए तथा छोटे-बड़े सभी राख उपयोगकर्ताओं को समान अवसर उपलब्ध कराए। हजारों टन छाई (फ्लाई ऐश) यूं ही पड़ी रहती हैं, जो उड़कर प्रदूषण फैलाती है। अगर डीवीसी सच में राख का उपयोग चाहती है तो उसे उद्यमियों को आसान प्रक्रिया के साथ राख उपलब्ध करानी होगी! केवल सेमिनार करने से कुछ नहीं होगा इस विचार पर प्रबंधन की ओर से उधमियों को कोई जवाब नहीं मिला है

हालांकि, इन आरोपों पर डीवीसी प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रबंधन का पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।

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