Bokaro Thermal: बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन परिसर स्थित श्री हनुमान मंदिर एक बार फिर भक्ति के रंग में रंगने जा रहा है। मंदिर के स्थापना दिवस के अवसर पर इस वर्ष 5 अगस्त की शाम 6 बजे से 6 अगस्त की शाम 6 बजे तक लगातार 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन आयोजित किया जाएगा। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में “हरे राम-हरे कृष्ण” के संकीर्तन की स्वर लहरियां गूंजेंगी और श्रद्धालु भक्ति भाव से प्रभु स्मरण में लीन रहेंगे। आयोजन को लेकर मंदिर समिति ने तैयारियां भी तेज कर दी हैं।
बैठक में बनी आयोजन की रूपरेखा
इस धार्मिक आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार रात मंदिर परिसर में समिति की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सक्रिय सदस्यों ने विस्तार से कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की। आयोजन को सुव्यवस्थित, अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां तय की गईं ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

नई आयोजन समिति को सौंपी गई जिम्मेदारी
बैठक में सर्वसम्मति से नई आयोजन समिति का गठन किया गया। समिति की कमान भुनेश्वर प्रजापति को अध्यक्ष के रूप में सौंपी गई, जबकि असीम पाल को सचिव बनाया गया। लखन पाल और संजय कुमार गुप्ता को संयुक्त रूप से कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। समिति का मानना है कि सामूहिक प्रयास से आयोजन को पहले से अधिक भव्य और सफल बनाया जाएगा।
कार्यकारिणी के सदस्यों को मिले अलग-अलग दायित्व
कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए कई कार्यकारिणी सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें कृष्णा प्रजापति, रोहित प्रसाद, सुभाष पाल, सनोज रजक, विश्वनाथ प्रजापति, अनिल साव, रंजीत साव, दीपक शर्मा, अंकित नैय्यर, विकास पाल, मोती साव और राहुल (लालू) गुप्ता शामिल हैं। सभी सदस्य आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील
मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, युवाओं और धर्मप्रेमी नागरिकों से इस आध्यात्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। समिति का कहना है कि अखंड हरिकीर्तन केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का भी प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारा मजबूत होता है।
क्या रहेगा कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण?
आयोजन के दौरान भक्त पूरे 24 घंटे भगवान के नाम का संकीर्तन करेंगे। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।










