CCL KVP Project Strike: पांचवें दिन भी नहीं थमी मजदूरों की हड़ताल, कोयला उत्पादन ठप होने से बढ़ी परेशानी

450 श्रमिकों के आंदोलन से परियोजना की गतिविधियां प्रभावित, वेतन, सुरक्षा और पहचान पत्र समेत कई मांगों को लेकर धरने पर डटे मजदूर

CCL KVP Project Strike: सीसीएल की केवीपी परियोजना में मजदूरों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। निजी आउटसोर्सिंग कंपनी रिलाइट के अधीन काम करने वाले करीब 450 श्रमिकों के हड़ताल पर चले जाने से कोयला उत्पादन और ओवरबर्डन हटाने का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। परियोजना में उत्पादन गतिविधियां ठप रहने से कंपनी को हर दिन आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दूसरी ओर, अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे श्रमिकों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

पांच दिन से काम बंद, मौके पर पसरा सन्नाटा

लगातार पांच दिनों से मजदूरों के काम से दूर रहने के कारण परियोजना की सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ा है। श्रमिकों का कहना है कि उनकी शिकायतों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा था। कई बार अपनी समस्याएं प्रबंधन के सामने रखने के बावजूद ठोस पहल नहीं होने पर उन्होंने सामूहिक रूप से हड़ताल का रास्ता अपनाया।

उचित मजदूरी से लेकर पहचान पत्र तक उठे सवाल

आंदोलन कर रहे श्रमिकों ने वेतन, सुरक्षा और कार्यस्थल की सुविधाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से काम करने के बावजूद कई श्रमिकों को अब तक आधिकारिक पहचान पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। मजदूरों का कहना है कि सरकारी प्रावधानों और निर्धारित मानकों के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी श्रमिकों में नाराजगी

मजदूरों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर भी असंतोष जताया है। उनका कहना है कि खनन क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन सुरक्षा से जुड़ी कुछ बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें बनी हुई हैं। श्रमिकों का दावा है कि इन मुद्दों को उठाने पर उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला।

नियुक्त काम के अलावा दूसरे कार्य कराने का आरोप

हड़ताल कर रहे श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे कई बार उस कार्य के अतिरिक्त दूसरे काम लिए जाते हैं, जिसके लिए उनकी नियुक्ति की गई है। इसके अलावा नियमों या कार्यस्थल की कमियों पर सवाल उठाने वाले श्रमिकों को नौकरी से हटाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर मजदूरों में नाराजगी बढ़ती गई और मामला हड़ताल तक पहुंच गया।

बातचीत के लिए अधिकारी नहीं पहुंचे, गेट पर मीडिया की एंट्री भी रोकी

श्रमिकों का कहना है कि पांच दिनों से आंदोलन चलने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर बातचीत के लिए नहीं पहुंचा। उनका आरोप है कि कंपनी कार्यालय के मुख्य गेट पर मीडिया के प्रवेश को भी रोक दिया गया है। इससे श्रमिकों में नाराजगी और बढ़ गई है।

रिलाइट कंपनी के अधीन काम करते हैं आंदोलनकारी मजदूर

केवीपी परियोजना में कोयला उत्पादन और ओवरबर्डन हटाने का काम सीसीएल ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत रिलाइट कंपनी को सौंप रखा है। आंदोलन कर रहे मजदूर इसी कंपनी के अधीन कार्यरत हैं। श्रमिकों का कहना है कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि अपनी जायज मांगों और कार्यस्थल पर सम्मानजनक परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं।

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

धरने पर बैठे श्रमिकों ने साफ कहा है कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। उनका कहना है कि लंबे समय से उठाई जा रही समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। फिलहाल पांचवें दिन भी हड़ताल जारी रहने से केवीपी परियोजना में उत्पादन प्रभावित है और आगे कंपनी प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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