Bokaro Thermal: डीएवी पब्लिक स्कूल, सीसीएल कथारा में सीबीएसई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE), पटना के तत्वावधान में ‘नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। कार्यशाला का आयोजन 22 एवं 23 अगस्त को किया गया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य सह झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी.एन. खान ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि उनके चरित्र एवं व्यक्तित्व का निर्माता भी होता है। उन्होंने कहा कि नैतिकता, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और उत्तरदायित्व शिक्षक के व्यक्तित्व की आधारशिला हैं।
डॉ. खान ने कहा कि शिक्षक स्वयं अपने आचरण में नैतिक मूल्यों को अपनाता है तो उसका प्रभाव विद्यार्थियों पर स्वतः पड़ता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को अपने दायित्वों को अधिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कार्यशाला को शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के साथ आत्ममंथन का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

कार्यशाला में एम.जी.एम. पब्लिक स्कूल, बोकारो की उप प्राचार्या श्रीमती राखी बनर्जी और जी.जी.पी.एस., बोकारो की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती स्निग्धा सिन्हा ने साधनसेवी के रूप में प्रशिक्षण दिया। दोनों ने विभिन्न गतिविधियों, संवादात्मक सत्रों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यालयी कार्यप्रणाली में नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और उत्तरदायित्व को प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए शिक्षकों को प्रेरित किया।
शिक्षकों ने लिया नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प
कार्यशाला के अंतिम सत्र में प्रतिभागी शिक्षकों ने नैतिक मूल्यों को अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने कार्यशाला से जुड़े अपने अनुभव और विचार भी साझा किए। इसके बाद प्रस्तुत विदाई गीत ने माहौल को भावपूर्ण बना दिया। समापन समारोह में विद्यालय परिवार की ओर से दोनों साधनसेवियों श्रीमती राखी बनर्जी और श्रीमती स्निग्धा सिन्हा को शॉल एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय ने उनके ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया। धन्यवाद ज्ञापन और शांति पाठ के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
कार्यशाला के सफल आयोजन में एसटीएनसी नागेंद्र प्रसाद, डिप्टी एसटीएनसी पंकज कुमार, जितेंद्र दुबे, वरिष्ठ शिक्षक डॉ. आर.एस. मिश्रा, रितेश कुमार, राकेश रंजन, जयपाल साव, संजय कुमार सिंह, आराधना, रेखा कुमारी, वीणा कुमारी, मधुमल्लिका उपाध्याय, पुष्पांजलि राव, पूजा सिंह, रिया सरकार, ओशीन, अर्शिया, एजाज, खुशबू कुमारी, सुमन कुमारी, संगीत कुमार, अश्विनी कुमार एवं रिया सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी रहा। कार्यशाला में यह संदेश दिया गया कि शिक्षा की वास्तविक सफलता केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में सत्यनिष्ठा, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।










