Bokaro Thermal: डीएवी (DAV) पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा के विद्यार्थियों ने खेलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का मान बढ़ाया है। झारखंड स्टेट ओपन कॉम्बैट चैंपियनशिप में जूडो एवं कराटे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने के साथ-साथ शतरंज प्रतियोगिता में भी विद्यालय के विद्यार्थी ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विद्यार्थियों की इन उपलब्धियों से पूरे विद्यालय में हर्ष और गौरव का वातावरण है।
जूडो प्रतियोगिता में कक्षा नवम के छात्र ओम कुमार ने 66 किलोग्राम सब-जूनियर वर्ग में कांस्य पदक प्राप्त किया, वहीं बारहवीं कक्षा के छात्र जयंत नाहक ने 90 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कक्षा नवम की छात्रा अदिति कुमारी ने कराटे में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एसजीएफआई (SGFI) की अंडर-17 प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया।

खेल उपलब्धियों की इस कड़ी में कक्षा नवम के छात्र मोक्ष मेहता ने भी विद्यालय को गौरवान्वित किया। उन्होंने जिला स्तरीय अंडर-15 शतरंज प्रतियोगिता ‘सेकंड बैटल ऑफ द ब्रेन चेस टूर्नामेंट–2026’ में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी बौद्धिक क्षमता, एकाग्रता और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया।
बुधवार, 14 अक्टूबर को आयोजित प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में विद्यालय के प्राचार्य सह- झारखंड जोन -आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी. एन. खान ने सभी उपलब्धि प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं। खेलों में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक दृष्टिकोण आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय भागीदारी निभाने तथा विद्यालय और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्राचार्य ने विद्यार्थियों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शारीरिक शिक्षकों शिवप्रकाश सिंह, राहुल कुमार सिंह एवं ओंकार मिश्रा की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षकों के उचित मार्गदर्शन और विद्यार्थियों के निरंतर प्रयासों से भविष्य में भी विद्यालय के अनेक विद्यार्थी खेलों के क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।
विद्यार्थियों की यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन का परिणाम है। इन उपलब्धियों ने न केवल विद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा निखारने और खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है।










