केंदुआ (धनबाद): बीसीसीएल (BCCL) केंदुआडीह कोलियरी के अंतर्गत खैरा में संचालित आउटसोर्सिंग परियोजना इन दिनों स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए काल बनती जा रही है। आउटसोर्सिंग पैच में कोयला खनन के लिए किए जा रहे असुरक्षित और तीव्र बारूद विस्फोट (हैवी ब्लास्टिंग) के कारण पास में ही स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खैरा का अस्तित्व पूरी तरह से खतरे में पड़ गया है। स्कूल भवन के साथ-साथ आसपास बसे घरों पर भी हर वक्त मौत का साया मंडरा रहा है। स्थिति इतनी भयावह है कि यहाँ कभी भी कोई बड़ी अनहोनी या जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है।
दहल जाता है पूरा इलाका, दिवारों में दरार की आशंका

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, इस खुली खदान (ओपन कास्ट माइन) में हर दिन बेतरतीब और नियम-कानूनों को ताक पर रखकर दर्जनों उच्च क्षमता वाले विस्फोट किए जाते हैं। जब भी खदान में ब्लास्टिंग होती है, तो पूरा स्कूल भवन और आसपास के घर भूकंप की तरह दहल जाते हैं। स्कूल में बैठकर शिक्षा ग्रहण करने वाले दर्जनों मासूम बच्चों और शिक्षकों के दिल में हर वक्त डर बना रहता है। धमाकों की धमक इतनी तेज होती है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो स्कूल की इमारत या लोगों के आशियाने पल भर में जमींदोज हो जाएंगे।
धूल और प्रदूषण से घुट रहा है बच्चों का दम
सिर्फ ब्लास्टिंग ही नहीं, बल्कि आउटसोर्सिंग माइनिंग से उड़ने वाले कोयले के काले धूलकणों ने खैरा क्षेत्र की हवा को पूरी तरह जहरीला बना दिया है। नियमानुसार माइनिंग एरिया और परिवहन मार्ग पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाना अनिवार्य है, लेकिन आउटसोर्सिंग कंपनी (Outsourcing Company) और प्रबंधन द्वारा इस नियम की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पानी का छिड़काव न होने के कारण उड़ती धूल सीधे स्कूल के कमरों और बच्चों को प्रदूषण के बीच पढ़ने के लिए मजबूर है।
शिकायत के बाद भी सोया है बीसीसीएल प्रबंधन
इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने कई बार बीसीसीएल प्रबंधन को मौखिक रूप से अवगत कराया है। इसके बावजूद, सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रबंधन द्वारा अब तक धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। अधिकारियों की यह घोर लापरवाही किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रही है।










