रायबरेली में अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान और बढ़े हुए मानदेय के भुगतान को लेकर आज एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात विभाग के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह मुख्य रूप से शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम गोपाल सरस्वती इंटर कॉलेज, रतापुर के निकट आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाले राज्यस्तरीय सम्मान समारोह के समानांतर किया जा रहा है। इसमें जिले के अंशकालिक अनुदेशकों को सम्मानित किया जाएगा और बढ़े हुए मानदेय का भुगतान एवं वितरण भी किया जाएगा।

शाम 4 बजे शुरू होगा कार्यक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम आज 17 मई 2026 को अपराह्न 4 बजे शुरू होगा। आयोजन स्थल पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अंशकालिक अनुदेशक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षाविद शामिल होंगे।
सरकार की ओर से हाल ही में अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि का फैसला लिया गया था। इसी फैसले के बाद प्रदेशभर में सम्मान और भुगतान वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रायबरेली में होने वाला यह आयोजन भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
अनुदेशकों को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से शिक्षा क्षेत्र में योगदान दे रहे अंशकालिक अनुदेशकों का सम्मान करना है। इसके साथ ही बढ़े हुए मानदेय की राशि का भुगतान भी किया जाएगा। शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अनुदेशक लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार के इस कदम से उनमें खुशी का माहौल है। कार्यक्रम में कई अनुदेशकों को प्रतीक चिन्ह और सम्मान पत्र भी दिए जा सकते हैं।
शिक्षा और कृषि से जुड़े मुद्दों पर भी हो सकती है चर्चा
कार्यक्रम में शामिल होने वाले मंत्री दिनेश प्रताप सिंह शिक्षा व्यवस्था, कृषि योजनाओं और प्रदेश सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी अपनी बात रख सकते हैं। चूंकि वे उद्यान और कृषि विपणन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, इसलिए किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
प्रशासन ने पूरी की तैयारियां
कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और बैठने की विशेष व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया है।










