Independence Day 2026: सरला बिरला पब्लिक स्कूल ने देशभक्ति के उल्लास के साथ मनाया 80वाँ स्वतंत्रता दिवस

Independence Day 2026: देशभक्ति केवल राष्ट्रीय पर्व मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा-भाव और राष्ट्र की प्रगति के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता में उसकी वास्तविक अभिव्यक्ति होती है - डॉ प्रदीप कुमार वर्मा

Independence Day 2026: सरला बिरला पब्लिक स्कूल, राँची में 15 अगस्त 2026 को भारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस गहरे देशभक्ति भाव, गर्व और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता, बलिदान और राष्ट्रीय एकता की भावना को अभिव्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को देश के जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों को समझने और निभाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ हार्दिक स्वागत एवं ‘वंदे मातरम् – मातृभूमि को भव्य नमन’ के साथ हुआ, जिसने इस समारोह को विशेष महत्त्व प्रदान किया, क्योंकि राष्ट्र इस वर्ष अपने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का गौरवपूर्ण स्मरण कर रहा है।

विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक साथ स्वर मिलाकर ‘वंदे मातरम्’ का भावपूर्ण गायन किया। उनके सामूहिक स्वर गर्व, एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से गूँज उठे। यह प्रस्तुति उस कालजयी गीत को श्रद्धांजलि थी, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पीढ़ियों को प्रेरित किया और आज भी राष्ट्रीय एकता एवं देशभक्ति की भावना को जागृत करता है। इसके पश्चात ‘ध्वजारोहण’ – राष्ट्रीय ध्वज को पूर्ण गरिमा एवं श्रद्धा के साथ फहराया गया तथा ‘राष्ट्रगान – राष्ट्र को नमन’ ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और सामूहिक गौरव की गहन भावना से भर दिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा, सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक, सरला बिरला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. जगन्नाथन, तथा स्कूल की प्राचार्या मनीषा शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और अटूट संकल्प को स्मरण किया, जिनके अथक प्रयासों से भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि देशभक्ति केवल राष्ट्रीय पर्व मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुशासन, ईमानदारी, सेवा-भाव और राष्ट्र की प्रगति के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता में उसकी वास्तविक अभिव्यक्ति होती है। उन्होंने युवा पीढ़ी को भारत की गौरवशाली विरासत पर गर्व करने तथा एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

समारोह में आगे ‘शौर्य मार्च – गौरव और देशभक्ति की पदयात्रा’ ने अनुशासन, साहस और राष्ट्रीय भावना का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। ‘देश भक्ति स्वर – मातृभूमि की मधुर धुनें’ ने कार्यक्रम में भावपूर्ण संगीतमय रंग भरा, वहीं ‘वीर गाथा – साहस और बलिदान की कहानियाँ’ के माध्यम से उन वीरों की शौर्यगाथाओं और निःस्वार्थ योगदान को नमन किया गया, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। देशभक्ति के उल्लास और राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत ‘राष्ट्र रंग – द कलर्स ऑफ द नेशन’ की मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुति ने समारोह में समां बाँध दिया। युवा कलाकारों की ऊर्जा और शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रगाढ़ कर दिया।

साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और अधिक समृद्ध बनाया। ‘काव्यांजलि – भारत को काव्य समर्पण’ के माध्यम से भारत की सुंदरता, विविधता और जीवटता का काव्यात्मक चित्रण किया गया, जबकि ‘राष्ट्रीय प्रेरणा – प्रेरणादायी शब्द’ ने विद्यार्थियों को देशभक्ति, ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता के आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।

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