Gomia: बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती अपने प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। घटना ढेंढे गांव की बताई जा रही है, जहां टावर पर युवती को चढ़ा देख आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। देखते ही देखते मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया और मौके पर तनाव जैसा माहौल बन गया। सूचना मिलते ही गोमिया थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू की गई।
ललपनिया की रहने वाली है युवती
जानकारी के अनुसार टावर पर चढ़ी युवती की पहचान सोनी कुमारी के रूप में हुई है, जो ललपनिया पंचायत अंतर्गत तिलैया गांव की निवासी बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोनी काफी देर तक टावर पर बैठी रही और नीचे उतरने से इनकार करती रही। वह लगातार अपने प्रेमी को जेल से रिहा करने की मांग दोहराती रही। इस दौरान गांव के लोग भी मौके पर डटे रहे, जबकि पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी उसे समझाने-बुझाने में लगे रहे।

चार दिन पहले रांची से दोनों को लाई थी पुलिस
मामले की पृष्ठभूमि भी कम दिलचस्प नहीं है। बताया जा रहा है कि चार दिन पहले पुलिस प्रेमी-प्रेमिका को रांची से बरामद कर बोकारो लाई थी। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत युवक को जेल भेज दिया गया। इसी कार्रवाई से युवती नाराज बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि प्रेमी के जेल जाने के बाद से ही युवती तनाव में थी और मंगलवार को उसने विरोध का यह खतरनाक तरीका अपना लिया। प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ जाना पुलिस और प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गया।
पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही बेरमो अनुमंडल के एसडीपीओ रबिन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने सबसे पहले इलाके को सुरक्षित कराया, ताकि भीड़ के कारण कोई अनहोनी न हो। इसके बाद युवती से लगातार बातचीत की कोशिश की गई। पुलिसकर्मियों ने उसे भरोसा दिलाया कि उसकी बात सुनी जाएगी, लेकिन वह टावर से नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की टीम उसे सुरक्षित उतारने की कोशिश कर रही थी।
लोगों की भीड़, पुलिस की चिंता और बढ़ा खतरा
मोबाइल टावर पर युवती के चढ़ने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते वहां भीड़ बढ़ती चली गई। पुलिस के सामने दोहरी चुनौती थी—एक ओर युवती को सुरक्षित नीचे उतारना और दूसरी ओर भीड़ को नियंत्रित रखना। टावर की ऊंचाई और युवती की जिद को देखते हुए अधिकारी कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे। यही वजह रही कि पुलिस ने बेहद सतर्कता के साथ पूरे घटनाक्रम को संभालने की कोशिश की।
भावनात्मक जिद ने बढ़ाई मुश्किल
स्थानीय लोगों का कहना है कि युवती अपने प्रेमी को जेल भेजे जाने से बेहद आहत थी। इसी नाराजगी में उसने ऐसा कदम उठाया, जिसने परिवार और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भावनात्मक तनाव में लोग किस हद तक जा सकते हैं। राहत की बात यह रही कि समय रहते पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया, जिससे हालात बेकाबू होने से बच गए।
प्रशासन की प्राथमिकता—सुरक्षित रेस्क्यू
पूरे मामले में प्रशासन की पहली प्राथमिकता युवती को सकुशल नीचे उतारना था। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से बातचीत कर उसे मनाने की कोशिश की। साथ ही टावर के आसपास सुरक्षा घेरा भी बनाया गया, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति वहां न पहुंचे। पुलिस का कहना है कि युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद ही पूरे मामले में आगे की कानूनी और पारिवारिक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
घटना ने कई सवाल छोड़ दिए
गोमिया के ढेंढे गांव की यह घटना सिर्फ एक सनसनीखेज वाकया भर नहीं है, बल्कि यह बताती है कि निजी रिश्तों से जुड़ा तनाव किस तरह सार्वजनिक संकट में बदल सकता है। प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर टावर पर चढ़ी युवती का यह कदम पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन उसे कब तक सुरक्षित नीचे उतार पाता है और आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।










