Jharkhand: तेली साहू समाज को सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर मजबूत बनाने के उद्देश्य से चतरा के डीएमएफटी प्रशिक्षण भवन में एक दिवसीय तेली साहू मिलन समारोह का आयोजन किया गया। तेली साहू समाज संघर्ष समिति (टीएसफोर) के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से समाज के लोग जुटे। समारोह में सामाजिक एकता, जागरूकता और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर वक्ताओं ने अपनी बात रखी।
प्रदेश अध्यक्ष संजय स्नेही ने संभाली समारोह की अध्यक्षता

कार्यक्रम की अध्यक्षता तेली साहू समाज संघर्ष समिति के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष संजय स्नेही ने की। समारोह में समाज के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। आयोजन में मौजूद लोगों ने सामाजिक मुद्दों पर मिलकर काम करने और समाज की आवाज को मजबूती से उठाने की जरूरत बताई।
रणविजय साहू और सुनील साहू का हुआ सम्मान
समारोह में मुख्य अतिथि बिहार तैलिक साहू सभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक रणविजय साहू तथा विशिष्ट अतिथि टीएसफोर के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील साहू का स्वागत किया गया। दोनों अतिथियों को फूल-माला, बुके और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद वक्ताओं ने समाज की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा को लेकर विचार साझा किए।
बड़ी आबादी के बावजूद राजनीतिक हिस्सेदारी पर उठे सवाल
मुख्य अतिथि रणविजय साहू ने कहा कि तेली समाज की आबादी बड़ी है, लेकिन इसके अनुरूप राजनीतिक क्षेत्र में भागीदारी दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है। इसका असर समाज के विकास और अन्य क्षेत्रों में उसकी प्रभावी मौजूदगी पर भी पड़ता है।
जागरूकता को बताया बदलाव की पहली सीढ़ी
रणविजय साहू ने समाज के लोगों से संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल संख्या अधिक होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर जागरूक होना भी जरूरी है। उनके मुताबिक एकजुटता और जागरूकता के जरिए ही शिक्षा, रोजगार, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में तेली समाज की भागीदारी को मजबूत किया जा सकता है।
शोषित से मजबूत नेतृत्वकर्ता बनने की बात
विशिष्ट अतिथि टीएसफोर के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील साहू ने कहा कि समाज को अपनी स्थिति बदलने के लिए संगठित प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि तेली समाज को केवल अपनी समस्याओं को उठाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसा मजबूत सामाजिक नेतृत्व तैयार करना चाहिए जो निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रभावी भूमिका निभा सके।
विभिन्न जिलों से पहुंचे समाज के प्रतिनिधि
मिलन समारोह में झारखंड के कई जिलों से समाज के प्रतिनिधियों और नेताओं ने भाग लिया। हजारीबाग से कुंज बिहारी साव, बोकारो से योधन नायक और भुवनेश्वर साहू, लातेहार से राजू रंजन प्रसाद, चतरा से कृष्णा साहू सहित कई लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके अलावा वरिष्ठ नेता बनबारी साहू, दुलेश्वर साहू, भोली साहू, गढ़वा से प्रदीप कुमार गुप्ता, पलामू से अशोक प्रसाद साहू, धनबाद से अशोक साव, रांची से हीरालाल साहू, गुमला से संजय कुमार साहू, खूंटी से फागू साहू समेत अन्य पदाधिकारी और समाज के लोग मौजूद रहे।
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संदेश
समारोह का मुख्य संदेश समाज को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एक मंच पर लाने का रहा। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक संगठन तभी प्रभावी बन सकता है, जब उसके सदस्य सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारी निभाएं। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकता, जागरूकता और राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने पर जोर दिया गया।










