बोकारो जिला के सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग कोल वाशरी से हटाए गए आवार्डी मजदूरों का महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष चल रहा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। 25 मई से शुरू हुई इस भूख हड़ताल में आवार्डी मजदूर महेंद्र रजक और कालेश्वर प्रजापति बैठे हैं।
वहीं श्रीमती देवी, शिवराम तथा डिवीजन सिंह आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। बुधवार को क्षेत्रीय महाप्रबंधक ए.के.बी. सिंह आंदोलन स्थल पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे मजदूरों से वार्ता कर हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया।

हालांकि वार्ता बेनतीजा रही और कोई सहमति नहीं बन सकी। जानकारी के अनुसार, बीते वर्ष झामुमो नेता मुमताज आलम के नेतृत्व में आवार्डी मजदूरों ने नियोजन की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। उस समय तत्कालीन महाप्रबंधक संजय कुमार के आग्रह तथा राज्य के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के हस्तक्षेप के बाद बेरमो के तत्कालीन बीडीओ मुकेश कुमार ने क्षेत्रीय प्रबंधन के लिखित आश्वासन पर आंदोलन समाप्त कराया था। इसके बाद सीसीएल मुख्यालय स्तर पर भी पहल की गई, लेकिन अब तक किसी भी आवार्डी मजदूर को नियोजन नहीं मिल सका।
मजदूरों का आरोप है कि लंबे समय से आश्वासन मिलने के बावजूद नियोजन नहीं दिए जाने के कारण उन्हें पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा। इसी के तहत 25 मई से दोबारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की गई है।
झामुमो नेता मुमताज आलम ने बुधवार को दूरभाष पर कहा कि महाप्रबंधक वार्ता के लिए पहुंचे थे, लेकिन बातचीत विफल रही। उन्होंने क्षेत्रीय प्रबंधन पर दोहरी नीति अपनाने तथा आंदोलनकारी मजदूरों के बीच दरार पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आवार्डी मजदूर अब नौकरी या मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहीं महाप्रबंधक ए.के.बी. सिंह ने कहा कि प्रबंधन की ओर से मजदूरों से लगातार बातचीत की जा रही है और उन्हें हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया गया है।










