रायबरेली (Raebareli) में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का नगर कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 107 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, 5 हजार रुपये नकद और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह कई जिलों में इसी तरीके से लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
एक शिकायत से खुला पूरे गिरोह का राज
पुलिस के मुताबिक मामला 2 जुलाई 2026 का है। रतापुर रोड स्थित एसबीआई एटीएम पर कल्लू का पुरवा निवासी रोकेश कुमार गुप्ता रुपये निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक ने मदद करने का भरोसा दिलाते हुए उनका एटीएम कार्ड बदल लिया। चालाकी से पिन नंबर भी जान लिया और बाद में चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए।

पीड़ित की शिकायत पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
डबल फाटक के पास दबोचे गए दोनों आरोपी
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देशन में गठित टीम ने शनिवार को डबल फाटक क्षेत्र में घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान उन्नाव निवासी सूरज सिंह और हरदोई निवासी सौरभ (सीरश) सिंह के रूप में हुई है।
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग शहरों के एटीएम पर पहुंचकर ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जिन्हें एटीएम चलाने में परेशानी होती थी। मदद के बहाने कार्ड बदलना और पिन देख लेना उनका तय तरीका था। बाद में उसी कार्ड से नकदी निकालने के अलावा खरीदारी भी की जाती थी।
बरामदगी ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
आरोपियों के कब्जे से बरामद 107 एटीएम कार्डों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। आशंका है कि इन कार्डों का इस्तेमाल कई राज्यों या जिलों में हुई ठगी से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये कार्ड किन लोगों के हैं और इनके जरिए कितनी रकम निकाली गई।
बरामद सामान
- 107 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड
- 5 हजार रुपये नकद
- बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल (सीज)
मुख्य आरोपी पर 13 मुकदमे दर्ज
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी सूरज सिंह पहले से ही पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज अपराधी है। उसके खिलाफ रायबरेली, लखनऊ, कानपुर नगर, उन्नाव और सीतापुर समेत कई जिलों में धोखाधड़ी, जालसाजी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सुनियोजित तरीके से एटीएम ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश
नगर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। साथ ही बरामद एटीएम कार्डों की जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने किन-किन लोगों को ठगी का शिकार बनाया और इसके नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्य कौन हैं। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।










