Raebareli: कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जलनिकासी के लिए खोदा गया नाला बारिश के बाद अचानक बड़ा खतरा बन गया। सोमवार को जलभराव के बीच नाला नजर नहीं आने से एक बाइक सवार उसमें जा गिरा। बाइक पर पुलिस लिखा होने के कारण घटना ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। राहत की बात यह रही कि हादसे में बाइक सवार को गंभीर चोट नहीं आई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
पानी में छिपा था नाले का गड्ढा, अचानक बाइक समेत गिरा सवार
कलेक्ट्रेट परिसर में जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए नाला खोदा गया है। सोमवार को बारिश के बाद नाले के आसपास काफी पानी जमा हो गया। पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि सड़क और नाले के बीच का अंतर साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहा बाइक सवार अचानक संतुलन खो बैठा और बाइक समेत खुले नाले में जा गिरा।

हादसा होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत बाइक सवार को बाहर निकालने में मदद की। बाद में पुलिसकर्मियों की मदद से गड्ढे में फंसी बाइक को भी बाहर निकाला गया।
वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल
घटना के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में जलभराव के बीच खुला नाला और उसमें गिरी बाइक दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील और प्रमुख प्रशासनिक परिसर में सुरक्षा इंतजामों को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला खोदने के बाद उसके आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए थे। खासकर बारिश के दौरान चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग नहीं होने से खतरा और बढ़ गया।
डीएम ऑफिस के सामने हादसा, उठे सुरक्षा पर सवाल
जिलाधिकारी कार्यालय के ठीक सामने हुई इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर जिले के अधिकारी और आम नागरिक रोजाना पहुंचते हैं, वहां खुले नाले को बिना सुरक्षा घेरा छोड़ा जाना लापरवाही को दर्शाता है।
हादसे के बाद मुख्य सवाल इन व्यवस्थाओं को लेकर उठे हैं—
- खुले नाले के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग क्यों नहीं थी?
- जलभराव की स्थिति में लोगों को खतरे से आगाह करने के लिए चेतावनी संकेत क्यों नहीं लगाए गए?
फजीहत के बाद मंगलवार को हुई बैरिकेडिंग
घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। मंगलवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर नाले के आसपास बैरिकेडिंग करा दी गई। इससे अब राहगीरों को खुले गड्ढे से दूर रखने की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, लोगों का कहना है कि यह सुरक्षा इंतजाम हादसे से पहले किए जाने चाहिए थे। फिलहाल घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। लेकिन कलेक्ट्रेट परिसर में हुआ यह हादसा जलनिकासी कार्यों के साथ सुरक्षा मानकों को लेकर एक अहम सवाल जरूर छोड़ गया है।
अब जलभराव और खुले नाले से राहत की उम्मीद
बारिश के मौसम में खुले नाले और जलभराव का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों की नजर इस बात पर है कि बैरिकेडिंग के अलावा प्रशासन जलनिकासी की समस्या को स्थायी रूप से दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है। फिलहाल बाइक सवार के बाल-बाल बचने से बड़ी घटना टल गई, लेकिन यह हादसा भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समय रहते सुरक्षा इंतजाम करने की जरूरत जरूर बता गया।










