रायबरेली के सुल्तानपुर खेड़ा गांव में एक मामूली विवाद ने खतरनाक मोड़ ले लिया। यहां रहने वाली 70 वर्षीय रानी देवी ने आरोप लगाया है कि गांव के ही एक युवक की हरकतों का विरोध करना उन्हें भारी पड़ गया। दरअसल, आरोपी युवक रोजाना उनके घर के सामने कुत्ते को नहलाता था, जिससे रास्ते में गंदगी और कीचड़ फैल जाती थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनातनी शुरू हुई।
विरोध करने पर हुआ जानलेवा हमला
पीड़िता के मुताबिक, जब उन्होंने इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी भड़क गया। 30 तारीख की सुबह करीब 7 बजे मामला इतना बढ़ गया कि युवक ने चाकू से हमला कर दिया। रानी देवी ने किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उनके दाहिने हाथ में गहरी चोट लग गई। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया।

गाली-गलौज और धमकी का भी आरोप
रानी देवी ने यह भी बताया कि आरोपी और उसके साथी अक्सर उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार उन्हें धमकाया भी गया, जिससे वह मानसिक रूप से भी परेशान हैं। इस पूरे मामले ने गांव में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल
घटना के बाद पीड़िता ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। न तो उनका मेडिकल कराया गया और न ही आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई। इससे नाराज होकर पीड़िता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
एसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता, न्याय की मांग
न्याय की उम्मीद में रानी देवी सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और लिखित शिकायत दी। उन्होंने मांग की है कि उनके मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष पुलिस चौकी स्तर पर सांठगांठ कर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।
जांच का आश्वासन, लेकिन उठे बड़े सवाल
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था और पुलिस की सक्रियता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो गई है।










