Tiruvallur Gas Leak: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद झारखंड के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। हादसे से प्रभावित धनबाद जिले के सभी 12 श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और अब उन्हें विशेष रेलवे कोच के जरिए उनके घर भेजा जा रहा है। राज्य सरकार के निर्देश पर पूरी प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में संपन्न कराई गई ताकि किसी भी श्रमिक को यात्रा के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े।
विशेष कोच से धनबाद के लिए रवाना हुए श्रमिक
इलाज और स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद सभी श्रमिकों को तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन से धनबाद के लिए रवाना किया गया। प्रशासन ने उनके लिए विशेष रेलवे कोच की व्यवस्था की, जिससे वे सुरक्षित और एक साथ अपने गृह राज्य पहुंच सकें। अधिकारियों के अनुसार सभी श्रमिकों की तबीयत फिलहाल स्थिर है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

प्रीति देवी का पार्थिव शरीर रांची पहुंचाया जा रहा
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली श्रमिक सुश्री प्रीति देवी का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से रांची लाया जा रहा है। रांची एयरपोर्ट पर एम्बुलेंस पहले से तैनात की गई है, जिसके जरिए पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घर धनबाद पहुंचाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि पूरे सम्मान और संवेदनशीलता के साथ अंतिम यात्रा की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
परिजनों को मिलेगी दोनों राज्यों से आर्थिक सहायता
हादसे के बाद मृतका के परिवार को आर्थिक सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है। झारखंड सरकार के श्रम विभाग की ओर से 1.5 लाख रुपये तथा तमिलनाडु सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई जाएगी। राहत प्रक्रिया के तहत श्रम विभाग, धनबाद द्वारा 50 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता राशि मृतका के परिजनों को तत्काल प्रदान कर दी गई है।
दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय
पूरे घटनाक्रम में झारखंड और तमिलनाडु प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बना रहा। श्रमिकों के इलाज, उनके सुरक्षित आवागमन, दस्तावेजी प्रक्रिया और मृतका के पार्थिव शरीर को गृह राज्य भेजने तक हर स्तर पर अधिकारियों ने मिलकर काम किया। इसी समन्वय के कारण राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया बिना किसी बड़ी बाधा के पूरी की जा सकी।
सरकार ने हर संभव मदद का दिया भरोसा
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि श्रमिकों की घर वापसी से लेकर उनके स्वास्थ्य और परिवारों की जरूरतों तक हर पहलू पर लगातार नजर रखी जाए। सरकार ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक कदमों पर संबंधित एजेंसियों के साथ चर्चा की जाएगी।










