Van Mahotsav 2026: गिरिडीह में शनिवार को वन महोत्सव के अवसर पर नक्षत्र वन परिसर हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने पौधारोपण कर की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शहरों में बढ़ते प्रदूषण और सीमित हरित क्षेत्र को देखते हुए ऐसे प्रयास भविष्य की जरूरत हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का भी आह्वान किया।
शहर को मिलेगी रॉक गार्डन की नई पहचान
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने पचम्बा से सटे कल्याणडीह में बनने वाले रॉक गार्डन पार्क की जानकारी साझा की। करीब 28 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित यह पार्क गिरिडीह के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल घूमने-फिरने की जगह नहीं होगी, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी साबित होगी। सुबह की सैर करने वालों के लिए यह स्थान विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।

चंडीगढ़ की तर्ज पर होगा विकास : डीएफओ
गिरिडीह के प्रभागीय वन पदाधिकारी (DFO) मनीष दुबे ने बताया कि पार्क को चंडीगढ़ के प्रसिद्ध रॉक गार्डन (Rock Garden) की अवधारणा के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यहां प्राकृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। पार्क में फलदार पौधों के साथ-साथ इमारती और छायादार वृक्षों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जाएगा ताकि आने वाले वर्षों में यह इलाका घने हरित क्षेत्र के रूप में विकसित हो सके।
एक साथ हजारों लोग कर सकेंगे मॉर्निंग वॉक
डीएफओ के अनुसार पार्क का डिजाइन इस तरह तैयार किया जा रहा है कि यहां एक समय में करीब 10 हजार लोग मॉर्निंग वॉक कर सकेंगे। आगंतुकों की सुविधा के लिए वॉकिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था, हरित क्षेत्र और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे यह पार्क शहरवासियों के लिए स्वास्थ्य और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है।
मेयर बोलीं- शहर को मिलेगी स्वच्छ हवा की सौगात
गिरिडीह नगर निगम की मेयर प्रमिला मेहरा ने कहा कि शहर के भीतर बड़े पार्क के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में शहर से सटे कल्याणडीह में विकसित होने वाला यह रॉक गार्डन लोगों को स्वच्छ वातावरण और खुली हवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि पार्क तैयार होने के बाद परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह पसंदीदा स्थान बन सकता है।










