Zomato Viral Bill: ऑनलाइन खाना मंगाने की सुविधा ने लोगों की जिंदगी काफी आसान कर दी है। घर बैठे पसंद का खाना कुछ ही देर में दरवाजे तक पहुंच जाता है। लेकिन सुविधा के साथ कई बार ऐसा बिल सामने आ जाता है, जिसे देखकर ग्राहक खुद हिसाब लगाने लगते हैं। ऐसा ही एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जहां महज 379 रुपये के खाने का कुल बिल 1306.40 रुपये पहुंच गया।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाला था डिलीवरी चार्ज

मामला तब चर्चा में आया जब एक यूजर ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato के बिल की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की। बिल में खाने की कीमत 379 रुपये दिखाई गई, लेकिन इसके साथ 744 रुपये का डिलीवरी चार्ज जुड़ा था। यानी खाने की कीमत से भी करीब दोगुना पैसा केवल डिलीवरी के नाम पर लग गया।
यूजर ने इसी रकम को लेकर मजाकिया अंदाज में सवाल किया कि इतनी महंगी डिलीवरी में कहीं खाना फ्लाइट से तो नहीं आ रहा। पोस्ट सामने आने के बाद ऑनलाइन फूड ऑर्डर पर लगने वाले अलग-अलग शुल्क को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
पैकेजिंग से लेकर GST तक जुड़ते गए पैसे
डिलीवरी चार्ज के अलावा बिल में दूसरे शुल्क भी शामिल थे। पैकेजिंग के लिए 19 रुपये, प्लेटफॉर्म फीस के तौर पर 14.90 रुपये और 149.50 रुपये GST जोड़ा गया। इन सभी रकम को मिलाने के बाद कुल भुगतान 1306.40 रुपये हो गया।
हालांकि, यूजर ने रेस्त्रां का कूपन इस्तेमाल किया था। डिस्काउंट लागू होने के बाद उसकी जेब से जाने वाली रकम करीब 1166 रुपये रह गई। इसके बावजूद 379 रुपये के खाने के मुकाबले अंतिम भुगतान काफी ज्यादा था।
ऑनलाइन ऑर्डर में क्यों बढ़ जाती है कीमत?
रेस्त्रां के मेन्यू में दिखाई देने वाली कीमत और ऑनलाइन ऑर्डर के समय बनने वाले अंतिम बिल में अंतर होना आम बात है। फूड डिलीवरी के दौरान कई तरह के शुल्क अलग से जोड़े जा सकते हैं। इनमें डिलीवरी, प्लेटफॉर्म और पैकेजिंग जैसी फीस शामिल हो सकती है।
कुछ मामलों में दूरी, मांग, समय या मौसम जैसी परिस्थितियां भी डिलीवरी की लागत को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए ऑर्डर करते समय सिर्फ खाने की कीमत देखकर फैसला करना ग्राहक के लिए महंगा पड़ सकता है।
पेमेंट से पहले इन दो चीजों पर जरूर दें ध्यान
ऑनलाइन खाना मंगाते समय अंतिम भुगतान से पहले बिल की पूरी जानकारी देखना बेहतर है। खासकर डिस्काउंट लगाने के बाद वास्तविक भुगतान कितना बन रहा है, इसे जरूर जांचना चाहिए।
वायरल बिल ने फिर उठाया ऑनलाइन फूड चार्ज का सवाल
यह मामला केवल एक बिल तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन फूड ऑर्डर करते समय सामने आने वाले अतिरिक्त शुल्क पर भी सवाल खड़ा करता है। ग्राहक के लिए सुविधा महत्वपूर्ण है, लेकिन उसके साथ बिल की पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया यह बिल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।










