झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन विभाग के मंत्री रामदास सोरेन का शुक्रवार रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। झामुमो प्रवक्ता कुणाल और भतीजे विक्टर सोरेन ने इस बात की पुष्टि की है।
बीते 2 अगस्त को अपने घोड़ाबांधा स्थित पैतृक आवास में ब्रेन हेमरेज के कारण बाथरूम में गिरने से मंत्री रामदास सोरेन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें तत्काल आनन फानन में एयर एंबुलेंस के जरिए जमशेदपुर से दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
रामदास सोरेन घाटशिला से तीन बार विधायक हुए निर्वाचित
मंत्री रामदास सोरेन घाटशिला विधानसभा सीट से तीन बार विधायक निर्वाचित हुए थे। वे पहले बार झारखंड मुक्ति मोर्चा की टिकट पर 2009 में निर्वाचित हुए थे।
पहली बार तीन बार के लगातार विधायक रहे कांग्रेस नेता डॉ.प्रदीप कुमार बलमुचू को हराकर वे विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद 2014 के विधानसभा चुनाव में वे भाजपा के लक्ष्मण टुडू से हार गए थे।
इसके बाद 2019 के चुनाव में जीतकर वापसी की। उस समय कुछ समय के लिए उन्हें उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग में मंत्री पद मिला था। इसके बाद रामदास सोरेन 2024 के विधानसभा चुनाव जीते। इस बार वे झारखंड सरकार में स्कूली, शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन विभाग के मंत्री पद को संभाल रहे थे।
पूर्व सीएम चम्पाई के पुत्र को हराकर तीसरी बार बने थे विधायक
रामदास सोरेन ने घाटशिला विधानसभा सीट पर 2024 के विधानसभा चुनाव में पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को करारी शिकस्त दी थी।
चम्पाई कभी रामदास के काफी अच्छे मित्र थे, लेकिन चम्पाई के झामुमो छोड़कर भाजपा में जाने के बाद घाटशिला विधानसभा अजजा सीट में पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बाबूलाल सोरेन को रामदास सोरेन के खिलाफ उतारा था।
ऐसे में अपने पुत्र बाबूलाल सोरेन को जिताने के लिए चम्पाई सोरेन ने पूरी ताकत भी झोंक दी थी। चुनाव परिणाम में रामदास सोरेन को 98356 वोट मिले थे। वहीं भाजपा के बाबूलाल सोरेन को 75910 वोट मिले। 22446 वोट से बाबूलाल सोरेन की हार हो गई थी।