CSR पहल से बोकारो थर्मल में लौटी आंखों की रोशनी, 51 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन

डीवीसी के निःशुल्क नेत्र शिविर में 75 लोगों की जांच, जरूरतमंद मरीजों को दवाइयां और जल्द मिलेंगे मुफ्त चश्मे

Bokaro Thermal : बोकारो थर्मल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योजना के तहत आयोजित निःशुल्क नेत्र जांच शिविर ने कई जरूरतमंद लोगों की जिंदगी में नई उम्मीद जगाई। इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और बुजुर्ग मरीज पहुंचे, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनकी आंखों की जांच कर आवश्यक उपचार की व्यवस्था की।

75 मरीजों की जांच, 54 में मिला मोतियाबिंद

शिविर के दौरान कुल 75 लोगों की आंखों की जांच की गई। चिकित्सकीय परीक्षण में 54 मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या सामने आई। इनमें से 51 मरीजों को ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया और उनका इलाज सफलतापूर्वक कराया गया। यह ऑपरेशन रामचंद्रपुर (पुरुलिया) स्थित नेताजी नेत्र अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में संपन्न हुआ। सफल ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों की रोशनी में स्पष्ट सुधार देखने को मिला।

ऑपरेशन के बाद जांच और चश्मा वितरण

ऑपरेशन के बाद मरीजों की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए विशेष फॉलो-अप जांच भी की गई। इस दौरान डॉक्टरों ने मरीजों की दृष्टि का परीक्षण कर उनकी रिकवरी की समीक्षा की। रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश मरीजों की आंखों की रोशनी में संतोषजनक सुधार दर्ज किया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि सभी ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों को अगले एक महीने के भीतर निःशुल्क चश्मा भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनकी दृष्टि और बेहतर हो सके।

अन्य मरीजों को भी मिला इलाज और सलाह

शिविर में केवल मोतियाबिंद से पीड़ित मरीज ही नहीं पहुंचे, बल्कि कई लोग ऐसे भी आए जिन्हें दूर या पास की चीजें देखने में परेशानी हो रही थी। ऐसे मरीजों की भी जांच की गई और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई।
इसके अलावा करीब 25 मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। इससे क्षेत्र के लोगों को बिना खर्च के बेहतर नेत्र उपचार का लाभ मिला।

समय पर जांच

नेत्र विशेषज्ञों का कहना है कि मोतियाबिंद की समस्या आमतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में अधिक देखी जाती है। बढ़ती उम्र, पोषण की कमी और आंखों की नियमित जांच न कराने से यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए समय-समय पर आंखों की जांच कराना बेहद जरूरी है, ताकि बीमारी का समय रहते इलाज किया जा सके।

स्वास्थ्य सेवा के लिए निरंतर चल रहा अभियान

बताया गया कि इससे पहले भी 4 फरवरी को मोतियाबिंद उपचार के लिए इसी तरह का नेत्र शिविर आयोजित किया गया था। उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए यह शिविर लगाया गया। डीवीसी की CSR पहल के तहत हर साल इस तरह के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि दूरदराज के जरूरतमंद लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंच सकें।

डॉक्टरों और टीम का रहा अहम योगदान

इस शिविर का आयोजन डीवीसी CSR के सहयोग से रामचंद्रपुर (पुरुलिया) स्थित नेताजी नेत्र अस्पताल द्वारा किया गया। सीनियर ऑप्थैल्मिक आई स्पेशलिस्ट डॉ. सुषांता मंडोल की निगरानी में मरीजों की जांच और उपचार किया गया।
कार्यक्रम के संचालन में कैंप कोऑर्डिनेटर पुष्पसेनजीत सेनगुप्ता की अहम भूमिका रही। वहीं CSR टीम से सुष्मिता बरनवाल, रमेश यादव और अन्य समन्वयकों ने भी पूरे आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।

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