सहारनपुर पुलिस ने वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बेहट थाना पुलिस ने गांगरोह नहर पुल के पास नियमित चेकिंग के दौरान चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को पहले से इनकी गतिविधियों पर संदेह था, और जैसे ही संदिग्ध हालात में ये लोग पकड़े गए, पूछताछ में बड़ा खुलासा सामने आया।
गिरफ्तार आरोपियों में अहसान उर्फ शानू, मेहरबान, दिलशाद और शमशाद शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि अहसान और दिलशाद आपस में मामा-भांजे हैं। गिरोह में सभी की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी, जिससे चोरी की वारदातें आसानी से अंजाम दी जाती थीं और पुलिस से बचने की कोशिश की जाती थी।

यह गिरोह सुनियोजित तरीके से भीड़भाड़ वाले इलाकों और कम सुरक्षा वाली जगहों को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम देता था। बेहट थाना पुलिस ने बुधवार को गांगरोह नहर पुल के पास चेकिंग के दौरान इन चारों को दबोच लिया।पूछताछ में आरोपियों ने कई वारदातों का खुलासा किया। बरामद 11 बाइकों में से 5 के संबंध में बेहट थाने में और 2 के संबंध में कोतवाली नगर थाने में पहले से ही मुकदमे दर्ज थे। बाकी बाइकों के मालिकों की पहचान की जा रही है।
11 चोरी की बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल 11 चोरी की बाइक बरामद की हैं। इनमें से:
- 5 बाइकों के केस पहले से बेहट थाने में दर्ज थे
- 2 बाइकों के मामले कोतवाली नगर थाने में दर्ज थे
यह बरामदगी इलाके में वाहन चोरी के मामलों को सुलझाने में बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खासतौर पर ऐसे स्थानों को निशाना बनाते थे जहां भीड़ ज्यादा होती थी या सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती थी। पार्किंग में लापरवाही और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर वे आसानी से बाइक चुरा लेते थे।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी की बाइक खरीदने वाले संभावित ग्राहकों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक कड़ी है और पूरे नेटवर्क को जल्द ही बेनकाब किया जाएगा।
चारों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी।










