झारखंड में पंचायत विकास को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई 2254 करोड़ रुपये की राशि को लेकर भाजपा और सत्तापक्ष आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा ने जहां इस राशि के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया, वहीं विपक्ष ने इसे लेकर सवाल खड़े किए हैं।
अनंत प्रताप देव का भाजपा पर सीधा हमला
भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत विकास योजनाओं में केंद्र और राज्य दोनों की 50-50 प्रतिशत भागीदारी होती है। ऐसे में पूरी राशि का श्रेय केवल केंद्र को देना “हास्यास्पद” है।

“आधी सच्चाई दिखाकर भ्रम फैला रही भाजपा”
विधायक ने कहा कि भाजपा जानबूझकर अधूरी जानकारी पेश कर रही है, जिससे आम जनता में भ्रम पैदा हो।
उन्होंने कहा:
- पंचायत योजनाएं संयुक्त फंडिंग से चलती हैं
- राज्य सरकार भी बराबर की भागीदार होती है
- केवल केंद्र को श्रेय देना गलत परंपरा है
राज्य सरकार की मंशा पर दिया जोर
अनंत प्रताप देव ने कहा कि झारखंड सरकार का लक्ष्य पंचायत से लेकर गांव तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं को लागू कर रही है और ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम हो रहा है।
भानु प्रताप शाही पर साधा निशाना
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही के बयान पर पलटवार करते हुए विधायक ने उन पर व्यक्तिगत हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद पहले भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे रहे हैं, उन्हें दूसरों पर सवाल उठाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
सियासी बयानबाजी से बढ़ी तल्खी
इस पूरे मामले ने झारखंड की राजनीति में बयानबाजी का स्तर और तीखा कर दिया है। पंचायत फंड जैसे विकास के मुद्दे पर भी राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति बन रही है।










