नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर फर्रुखाबाद में मंथन, महिला नेतृत्व को नई दिशा देने की पहल

कलेक्ट्रेट सभागार में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट महिला वक्ताओं ने सहभागिता करते हुए अधिनियम के प्रावधानों, महत्व एवं महिलाओं के सशक्तिकरण में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर डॉ0 शशि किरन (शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य, एन0ए0के0पी0 डिग्री कॉलेज) ने अधिनियम को महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। डॉ0 सुनीता यादव (चिकित्सक) ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज के समग्र स्वास्थ्य एवं विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही।

उमा मिश्रा (अधिवक्ता) ने अधिनियम के विधिक पहलुओं की जानकारी देते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। गुंजा जैन (पर्यावरणविद) ने महिलाओं की भागीदारी को सतत विकास से जोड़ते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।

इसके अतिरिक्त गुंजन एवं नम्रता (स्वयं सहायता समूह) तथा पूनम पाल (एफ0पी0ओ0) ने ग्रामीण एवं आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक सशक्त बनाएगा।

प्रेसवार्ता के दौरान सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा तथा देश के समग्र विकास में उनकी भागीदारी को और सुदृढ़ करेगा।

इस अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी व संवंधित मौजूद रहे।

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