कानड़ नगर के जिला सहकारी बैंक में एक किसान के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। किसान का आरोप है कि बैंक के कैशियर ने न केवल उसके साथ बदसलूकी की बल्कि कॉलर पकड़कर बैंक से बाहर निकाल दिया और जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद किसान ने प्रशासन और पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि किसानों के सम्मान और सुविधा की बात करने वाली सरकार के बीच अगर किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा तो यह बेहद चिंताजनक है।

गेहूं पंजीयन के पैसे लेने बैंक पहुंचा था किसान
जानकारी के अनुसार किसान असलम खान गेहूं पंजीयन के भुगतान की राशि लेने जिला सहकारी बैंक पहुंचा था। किसान का कहना है कि बैंक में उसे एक फॉर्म भरने के लिए दिया गया। असलम खान के मुताबिक, उसने फॉर्म भरकर जमा किया तो कैशियर ने दूसरा फॉर्म भरने को कहा। इसके बाद तीसरा फॉर्म भरने के लिए कहा गया। किसान का आरोप है कि उसने तीन बार फॉर्म भर दिए, लेकिन इसके बाद भी कैशियर संतुष्ट नहीं हुआ।
किसान का आरोप — फॉर्म फाड़कर दी गालियां
किसान असलम खान ने बताया कि जब उसने कैशियर से कहा कि वह तीन बार फॉर्म भर चुका है, तब कैशियर अचानक नाराज हो गया। किसान का आरोप है कि कैशियर ने उसका फॉर्म फाड़ दिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। इतना ही नहीं, कथित तौर पर उसका कॉलर पकड़कर उसे बैंक से बाहर निकाल दिया गया। असलम खान ने कहा कि इस घटना से उसे मानसिक रूप से काफी ठेस पहुंची है।
जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप
किसान ने आरोप लगाया कि कैशियर श्रीकांत ने उसे धमकाते हुए कहा कि वह इंदौर में रहता है और उसके यहां कई किसान काम करते हैं।
किसान के अनुसार, कैशियर ने खुद को “दादा पहलवान” बताते हुए जान से मारने और टुकड़े कर देने जैसी धमकी भी दी।
बैंक पहुंचे पत्रकार, लेकिन नहीं मिला कैशियर
जब मामले की जानकारी मीडिया को लगी तो समाचार संवाददाता जिला सहकारी बैंक पहुंचे। बताया गया कि जिस कैशियर पर आरोप लगे हैं, वह बैंक से निकलकर अपने घर जा चुका था। पत्रकारों ने बैंक अधिकारियों से कैशियर का संपर्क नंबर मांगा, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि उनके पास नंबर उपलब्ध नहीं है।
किसान ने सुनाई अपनी पीड़ा
किसान असलम खान ने कहा कि वह एक सामान्य किसान है और मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसने कहा कि गेहूं बेचने के बाद भुगतान लेने के लिए बैंक आया था, लेकिन वहां उसके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। किसान का कहना है कि अगर सरकारी दफ्तरों और बैंकों में किसानों के साथ ऐसा व्यवहार होगा तो आम आदमी न्याय के लिए कहां जाएगा।
बैंक मैनेजर ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
इस मामले में जब बैंक मैनेजर भटनागर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है।
उन्होंने बताया कि वह उस समय बैंक से निकल चुके थे, लेकिन मामले को अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही संबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी करने की बात भी कही गई। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
किसान ने 181 और थाने में की शिकायत
घटना के बाद किसान असलम खान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई है।
इसके अलावा स्थानीय थाने में भी लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
किसान का कहना है that उसके सम्मान को ठेस पहुंची है और दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
किसानों में नाराजगी का माहौल
इस घटना के बाद इलाके के किसानों में नाराजगी दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि किसान पहले ही कई परेशानियों से जूझ रहा है और अगर बैंक जैसे संस्थानों में भी उसके साथ दुर्व्यवहार होगा तो स्थिति और खराब हो जाएगी।
कई किसानों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
प्रशासन से न्याय की उम्मीद
प्रदेश सरकार लगातार किसानों के हितों और सुविधाओं की बात करती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कई मंचों से किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की बात कह चुके हैं।
ऐसे में अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। किसान और स्थानीय लोग चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में किसी किसान के साथ इस तरह का व्यवहार न हो।
निष्कर्ष
जिला सहकारी बैंक कानड़ में सामने आया यह मामला केवल एक किसान की शिकायत नहीं बल्कि सरकारी संस्थानों में आम लोगों के साथ व्यवहार पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।










