शहडोल जिला जेल में बंदी की मौत, सीने में दर्द के बाद अस्पताल में तोड़ा दम

जेल में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचते ही कैदी की मौत से मचा हड़कं

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला जेल में बंद एक कैदी की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। मृतक बंदी पिछले दो साल से जेल में सजा काट रहा था। बताया जा रहा है कि उसने जेल प्रशासन से सीने में तेज दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि इलाज के दौरान उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और हार्ट अटैक आने से उसकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद जेल प्रशासन की व्यवस्था और बंदियों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि अगर बंदी को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

दो साल से जेल में बंद था रियाज मंसूरी

जानकारी के अनुसार मृतक का नाम रियाज मंसूरी था, जिसकी उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। वह शहडोल जिले के कल्याणपुर इलाके का रहने वाला था। रियाज मंसूरी को आईपीसी की धारा 306 के मामले में पांच साल की सजा हुई थी और उसे 9 फरवरी 2024 को जिला जेल शहडोल भेजा गया था।

बताया गया कि वह पिछले काफी समय से जेल में बंद था और अपनी सजा पूरी कर रहा था। गुरुवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया।

सीने में दर्द की शिकायत के बाद मचा हड़कंप

सूत्रों के मुताबिक गुरुवार दोपहर करीब 1:15 बजे रियाज मंसूरी ने जेल प्रशासन से सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की। उसकी हालत बिगड़ती देख जेल प्रशासन ने तुरंत जिला अस्पताल भेजने का फैसला किया।

जेल से अस्पताल ले जाते समय उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। शुरुआती इलाज के बाद उसकी हालत में थोड़ा सुधार भी बताया जा रहा था।

अस्पताल में परिजनों से की बातचीत

अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान रियाज ने अपने भाई और अन्य परिजनों से बातचीत भी की। इससे परिवार को उम्मीद थी कि उसकी हालत अब ठीक हो रही है। लेकिन कुछ समय बाद अचानक उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई।

डॉक्टरों के अनुसार इलाज के दौरान उसे दोबारा हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उसे बचाने की कोशिश की गई। हालांकि हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण दोपहर करीब 3 बजे उसकी मौत हो गई।

मौत के बाद उठे कई सवाल

रियाज मंसूरी की मौत के बाद जेल प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों और कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदी को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। उनका आरोप है कि अगर इलाज जल्दी शुरू हो जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि जैसे ही बंदी ने सीने में दर्द की शिकायत की, तुरंत उसे अस्पताल भेजा गया था। प्रशासन ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है।

पहले भी सामने आ चुके हैं मामले

सूत्रों के अनुसार जिला जेल में इससे पहले भी एक कैदी द्वारा आत्महत्या की कोशिश का मामला सामने आ चुका है। ऐसे मामलों के बाद जेल के अंदर सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

जेल में बंद कैदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जेल प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की जरूरत है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

मृतक के शव को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है। पुलिस और प्रशासन ने वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पूरी तरह साफ हो पाएगी।

जेल अधीक्षक भास्कर पांडे ने बताया कि बंदी की तबीयत खराब होने के बाद उसे अस्पताल भेजा गया था, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से मौत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट होगा।

परिवार में पसरा मातम

रियाज मंसूरी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि उन्हें अचानक इस घटना की जानकारी मिली, जिससे वे पूरी तरह टूट गए हैं।

परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर किसी तरह की लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

जेलों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर फिर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर जेलों में कैदियों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बहस छेड़ रही है। अक्सर जेलों में भीड़, स्टाफ की कमी और मेडिकल सुविधाओं के अभाव की शिकायतें सामने आती रहती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों में नियमित स्वास्थ्य जांच, इमरजेंसी मेडिकल टीम और बेहतर इलाज की व्यवस्था बेहद जरूरी है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

निष्कर्ष

शहडोल जिला जेल में बंदी रियाज मंसूरी की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक तरफ प्रशासन इसे हार्ट अटैक का मामला बता रहा है, वहीं परिजन समय पर इलाज नहीं मिलने की बात कह रहे हैं। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच पर टिकी हुई है, जिससे मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।

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