CBSE छात्रों का इंतजार तो खत्म हुआ, लेकिन राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी

री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू होते ही आया तकनीकी संकट, छात्रों की शिकायतों के बाद बोर्ड ने कहा- अब फिर से कर दिया गया है एक्टिव

CBSE बोर्ड के लाखों छात्र पिछले कई दिनों से री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। नतीजे घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में ऐसे छात्र थे जो अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराना चाहते थे। इसी वजह से सभी की नजर बोर्ड के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर टिकी हुई थी।

करीब चार दिनों के लंबे इंतजार के बाद जब पोर्टल शुरू हुआ तो छात्रों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। पोर्टल लॉन्च होने के कुछ ही समय बाद तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें आने लगीं। कई छात्रों ने दावा किया कि वेबसाइट सही तरीके से काम नहीं कर रही है और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो रही है।

बढ़ती शिकायतों के बीच CBSE ने कहा कि तकनीकी समस्या को दूर कर लिया गया है और पोर्टल को फिर से सक्रिय कर दिया गया है।

चार दिनों से इंतजार कर रहे थे छात्र

CBSE बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद हजारों छात्र अपने अंकों का सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन कराना चाहते थे। इसके लिए उन्हें री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू होने का इंतजार था।

छात्रों और अभिभावकों की ओर से लगातार यह सवाल पूछा जा रहा था कि आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी। ऐसे में जब बोर्ड ने पोर्टल एक्टिव किया तो छात्रों ने राहत की सांस ली।

लेकिन कुछ ही देर बाद हालात बदल गए।

पोर्टल खुलते ही बढ़ गया ट्रैफिक

री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र वेबसाइट पर पहुंच गए। एक साथ हजारों छात्रों के लॉगिन करने की वजह से पोर्टल पर अचानक दबाव बढ़ गया।

इसी दौरान कई छात्रों को वेबसाइट एक्सेस करने में दिक्कत आने लगी। कुछ लोगों को पेज खुलने में समस्या हुई तो कुछ आवेदन भरते समय तकनीकी रुकावटों का सामना करते रहे।

कई छात्र बार-बार कोशिश करने के बावजूद अपनी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए।

छात्रों ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी

पोर्टल में आई तकनीकी दिक्कतों के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई छात्रों ने स्क्रीनशॉट साझा करते हुए बताया कि वेबसाइट बार-बार एरर दिखा रही है।

कुछ छात्रों ने लिखा कि वे लंबे समय से इस प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे, लेकिन पोर्टल शुरू होते ही तकनीकी समस्या सामने आ गई। वहीं कुछ अभिभावकों ने भी इस मुद्दे को लेकर चिंता जताई।

सोशल मीडिया पर कई घंटों तक इस विषय पर चर्चा होती रही।

क्यों जरूरी होता है री-इवैल्यूएशन?

CBSE परीक्षा परिणाम आने के बाद कुछ छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं होते। ऐसे में उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन का विकल्प दिया जाता है।

इस प्रक्रिया के जरिए छात्र यह जान सकते हैं कि उनकी कॉपी की जांच सही तरीके से हुई है या नहीं। यदि किसी प्रश्न के मूल्यांकन को लेकर उन्हें आपत्ति होती है तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसी वजह से हर साल बड़ी संख्या में छात्र इस सुविधा का लाभ लेते हैं।

बोर्ड ने क्या कहा?

तकनीकी समस्या की खबरें सामने आने के बाद CBSE की ओर से प्रतिक्रिया दी गई। बोर्ड ने कहा कि पोर्टल पर अत्यधिक ट्रैफिक आने की वजह से कुछ समय के लिए दिक्कत हुई थी।

बोर्ड के अनुसार तकनीकी टीम ने स्थिति की निगरानी की और आवश्यक सुधार किए। इसके बाद पोर्टल को दोबारा सक्रिय कर दिया गया।

CBSE ने छात्रों से कहा कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

कई छात्रों को नहीं मिला समय पर एक्सेस

पोर्टल में आई समस्या का असर उन छात्रों पर ज्यादा पड़ा जो लॉन्च होते ही आवेदन करना चाहते थे। कई छात्रों ने बताया कि वे घंटों तक वेबसाइट खोलने की कोशिश करते रहे।

कुछ छात्रों का कहना था कि आवेदन फॉर्म बीच में ही रुक जा रहा था, जबकि कुछ लोगों को भुगतान प्रक्रिया तक पहुंचने में भी परेशानी हुई।

हालांकि बाद में पोर्टल के दोबारा सक्रिय होने की जानकारी सामने आई।

वेरिफिकेशन, फोटोकॉपी और री-इवैल्यूएशन की पूरी प्रक्रिया

CBSE की व्यवस्था के अनुसार छात्रों को सबसे पहले अंकों के सत्यापन के लिए आवेदन करना होता है। इस चरण में यह जांच की जाती है कि अंक जोड़ने या रिकॉर्ड करने में कोई गलती तो नहीं हुई है।

इसके बाद छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त कर सकते हैं। फोटोकॉपी देखने के बाद यदि किसी उत्तर के मूल्यांकन को लेकर आपत्ति हो तो पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया जा सकता है।

हर चरण की अलग समय सीमा और प्रक्रिया निर्धारित होती है।

अभिभावकों की भी बढ़ी चिंता

तकनीकी समस्या के कारण कई अभिभावक भी चिंतित नजर आए। उनका कहना था कि आवेदन प्रक्रिया की समय सीमा सीमित होती है और यदि पोर्टल ठीक से काम नहीं करेगा तो छात्रों को परेशानी हो सकती है।

कई अभिभावकों ने मांग की कि बोर्ड इस तरह की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए पर्याप्त तैयारी करे ताकि छात्रों को अनावश्यक तनाव का सामना न करना पड़े।

बोर्ड की वेबसाइट पर बनी रही छात्रों की नजर

पोर्टल में आई समस्या के बाद छात्र लगातार CBSE की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर नजर बनाए हुए हैं।

कई छात्र यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आवेदन प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाए। वहीं कुछ छात्र किसी भी नए अपडेट का इंतजार कर रहे हैं ताकि समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें।

लॉन्च के साथ ही चर्चा में आया पोर्टल

CBSE का री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू होते ही छात्रों के बीच उत्साह का माहौल था, लेकिन शुरुआती तकनीकी समस्याओं ने उनकी परेशानी बढ़ा दी। वेबसाइट पर बढ़ते ट्रैफिक और एरर की शिकायतों के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।

बाद में बोर्ड ने दावा किया कि पोर्टल को फिर से सक्रिय कर दिया गया है और छात्र अब अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन, फोटोकॉपी और पुनर्मूल्यांकन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

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